नयी दिल्ली, 07 अगस्त (वार्ता) दक्षिण दिल्ली केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) कमिश्नरेट ने तीन कंपनियों द्वारा 16.30 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का पता लगाया है और इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
वित्त मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि कमिश्नरेट ने 16.30 करोड़ रुपये की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) चोरी की साजिश रचने वाले एक महत्वपूर्ण आरोपी को गिरफ्तार किया है। जीएसटी रिटर्न के आँकड़ों के विस्तृत विश्लेषण के बाद यह गिरफ्तारी की गयी है।
जाँच में पाया गया कि मैनपावर की आपूर्ति का काम करने वाली और आपस में करीबी संबंध रखने वाली तीन कंपनियाँ लगातार कई वित्त वर्षों से अपनी जीएसटी देनदारी कम करके दिखा रही हैं। इन कंपनियों ने दिखाया था कि वे दूसरे कंपनियों को मैनपावर की आपूर्ति कर रही थीं और उस पर क्लाइंट से जीएसटी भी वसूल कर रही थी। हालाँकि उन्होंने संकलित की गयी कर की राशि जमा नहीं करायी जो सीजीएसटी कानून, 2017 का स्पष्ट उल्लंघन है।
जिस आरोपी को गिरफ्तार किया गया है वह तीनों कंपनियों में निदेशक और मुख्य नियंत्रक की भूमिका में है। उसने कर चोरी का आरोप स्वीकार कर लिया है।
मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि चूँकि जीएसटी चोरी की रकम पाँच करोड़ रुपये से अधिक है, इसलिए यह संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। आरोपी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया जिन्होंने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
