नयी दिल्ली, 22 नवंबर (वार्ता) क्यूबा के महान ऊंची कूद एथलीट जेवियर सोटोमेयर ने भारत के गोल्डन ब्वाय नीरज चोपड़ा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि उनके कारनामों ने भारत में जैवलिन को इतना महत्त्व दिला दिया है कि अब उन्हें अपने ही देश के खिलाड़ियों से मुकाबला करना पड़ रहा है।
शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में एकाम्रा स्पोर्ट्स लिटरेचर फेस्टिवल के मौके पर ‘यूनीवार्ता’ के साथ एक खास बातचीत में, सोटोमेयर, जो अब तक 8 फ़ीट से ज़्यादा ऊंची छलांग लगाने वाले एकमात्र ऊंची कूद एथलीट हैं, ने कहा, “मैं भारतीय जैवलिन थ्रोअर नीरज (चोपड़ा) की प्रशंसा करता हूं। जिस स्तर तक वह पहुंचे हैं, उसके लिए पूरे क्यूबा में उनका सम्मान है। उनकी वजह से भारत में इतने सारे लोग इस खेल (जेवलिन थ्रो) को अपना रहे हैं कि अब देश में उनके लिए अच्छा कॉम्पिटिशन है।”
नीरज चोपड़ा आज तक भारत के सबसे सफल ट्रैक एंड फील्ड एथलीट हैं। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 में स्वर्ण पदक जीता और इसके बाद पेरिस ओलंपिक 2024 में रजत पदक जीता। चोपड़ा ने एक बार डायमंड लीग जीतने के अलावा वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता है।
बार्सिलोना ओलंपिक 1992 में ऊंची कूद स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने वाले सोटोमेयर ने 1989 में सैन जुआन, प्यूर्टो रिको में सेंट्रल अमेरिकन एंड कैरेबियन चैंपियनशिप में पहली बार आठ फीट की बाधा दो बार पार की। उनकी दूसरी आठ फीट से अधिक की छलांग 1993 में स्पेन के सलामांका में दर्ज की गई थी।
दो बार के वर्ल्ड चैंपियनशिप विजेता ट्रैक एंड फील्ड में भारत की संभावनाओं को लेकर उत्साहित दिखे और कहा, “भारत के पक्ष में सबसे बड़ी बात इसकी आबादी है, अधिक से अधिक बच्चों को एथलेटिक्स में आना चाहिए। इससे टैलेंट पूल काफी बढ़ेगा और इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर होने से चैंपियन बनेंगे।”
उन्होंने कहा, “चैंपियन माइंडसेट डिसिप्लिन और लगातार कोशिश करने के बारे में है, व्यक्ति को स्वयं का मूल्याकंन करना और यह पक्का करना होता है कि वह हर दिन बेहतर हो रहा है।”
उन्होंने कहा कि वह रविवार को युवा भारतीय एथलीट से बातचीत करने और देश घूमने का भी इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मेरा एजेंडा व्यस्त है। कल मैं युवा एथलीट से बात करूंगा और उनके साथ अपना अनुभव साझा करूंगा। अगर मेरे पास टाइम बचा, तो मैं कुछ टूरिस्ट जगहों पर भी जाना चाहूंगा। मैं भारतीय संस्कृति के बारे में थोड़ा बहुत जानता हूं और इसका अनुभव करना चाहूंगा।”
