
भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को इंदौर के महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में लगातार सामने आ रहे “अपराधिक लापरवाही” के मामलों को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल “जीवन रक्षक संस्था” के बजाय अब “मौत का अड्डा” बनकर रह गया है।
पटवारी ने याद दिलाया कि इससे पहले इसी अस्पताल में घोर लापरवाही के कारण जहरीले कफ सिरप से 24 बच्चों की मौत हो चुकी है, लेकिन “न सरकार ने और न ही स्वास्थ्य विभाग ने इससे कोई सबक लिया।” उन्होंने कहा कि यह अस्पताल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता का प्रतीक बन चुका है।
हालिया घटना का उल्लेख करते हुए पटवारी ने बताया कि एक राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी को दवा वार्ड में तीन माह पहले एक्सपायर हो चुकी एंटीबायोटिक फ्लूड चढ़ा दी गई। जब पति ने दवा की तारीख पूछी, तो ड्यूटी पर तैनात नर्स ने कथित रूप से जवाब दिया“एक्सपायरी दवा कुछ दिन चलती है।” पटवारी के अनुसार, यह जवाब “अमानवीय संवेदनहीनता” का परिचायक है और पूरे तंत्र की जड़ तक फैली सड़ांध को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय मीडिया की जांच से खुलासा हुआ कि कई मरीजों को एक्सपायरी स्लाइन भी चढ़ाई जा रही थी। मामला टीवी और सोशल मीडिया पर आने के बाद अस्पताल प्रशासन हड़बड़ा कर स्टोर रूम से एक्सपायरी दवाओं और स्लाइन पैकेटों को हटाने में जुट गया। पटवारी ने कहा, “यह सुधार की कोशिश नहीं, बल्कि जिम्मेदारों को बचाने की जल्दबाजी थी।”
पटवारी ने यह भी बताया कि एमवाय अस्पताल पहले भी नवजातों व मरीजों को चूहों द्वारा काटे जाने, खराब मशीनों, गंदगी, बेड की कमी और कर्मचारियों की अनुपस्थिति जैसे गंभीर मामलों को लेकर बदनाम रहा है। इसके बावजूद कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए।
स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला से सीधे सवाल करते हुए पटवारी ने कहा, “यह कोई साधारण भूल नहीं बल्कि बीजेपी सरकार की सिस्टमेटिक नाकामी है। एक्सपायरी दवा चढ़ाना ‘हत्या के प्रयास’ से कम नहीं है।” उन्होंने पूछा कि सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में दवाओं की एक्सपायरी की निगरानी कौन करता है और वरिष्ठ अधिकारी अब तक चुप क्यों थे। साथ ही उन्होंने 24 बच्चों की मौत के बाद हुई कार्रवाई की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की भी मांग की।
पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समयबद्ध और पारदर्शी कार्रवाई नहीं की तथा दोषियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी सजा सुनिश्चित नहीं की, तो कांग्रेस प्रदेशव्यापी जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा, “हमारी लड़ाई किसी एक अस्पताल से नहीं, बल्कि उस सोच से है जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था को लापरवाही और भ्रष्टाचार के भरोसे छोड़ दिया है।”
