
इटारसी। जीवनकाल में जन्मदिन मनाना अलग बात है पर आपके न रहने पर लोग याद करें ये बड़ी बात है। महान और कर्मशील व्यक्तित्व की जयंती मनती है। ऐसे ही व्यक्तित्व बाबूजी भी थे।उन्होंने सांसद रहते हुए अपनी जनसंपर्क निधि के एक एक रुपए का सदुपयोग किया। विकास के पर्याय सरताज सिंह ने खिलाड़ियों की भी बहुत चिंता की इसके लिए स्टेडियम निर्माण हो या फिर खिलाड़ियों को स्पोर्ट्स किट देने का कार्य उन्हें आज भी खेल जगत कृतज्ञता से याद करता है। ये बात नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने पूर्व केंद्रीय मंत्री सरताज सिंह की पुण्य तिथि पर एकलव्य स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में कही। कार्यक्रम में अधिवक्ता पारस जैन ने सरताज सिंह जी को एक विरला व्यक्तित्व बताते हुए राजनैतिक एवं सामाजिक जीवन पर प्रकाश डाला। केशव उर्मिल ने कहा कि सरताज सिंह ने सदैव छोटे से छोटे कार्यकर्ता और व्यक्ति की चिंता की इसलिए वे जननेता के रूप लोकप्रिय हुए। पत्रकार राजेंद्र ठाकुर ने कहा कि सरताज जी से प्रेरणा लेना चाहिए कि संघर्ष पर विजय कैसे प्राप्त की जाती है।बाबूजी ने जन्म से अंतिम सांस तक हर संघर्ष और त्रासदी पर अपने सिद्धांत और अटल विश्वास से विजय प्राप्त की चाहे देश के विभाजन की विभीषिका हो, इमरजेंसी का दौर हो,84 के सिख दंगे हो, कोविडकाल हो सभी विषम परिस्थित पर विजय प्राप्त की।कार्यक्रम का संचालन करते हुए सतेंद्रपाल सिंह जग्गी ने स्व सरताज सिंह के व्यक्तित्व की विभिन्न विशेषताओं पर प्रकाश डाला।
