सीहोर। हाउसिंग बोर्ड कालोनी के समीप बन रहे ओवर ब्रिज निर्माण को लेकर नागरिकों के आक्रोश का उबाल बरकरार बना हुआ है. सोमवार को कालोनी के दो बुजुर्गों ने ओवर ब्रिज के दोनों तरफ सर्विस लेन की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू किया था, लेकिन उनके स्वास्थ्य पर पड़ रहे विपरीत असर को देखते हुए कालोनी के जागरुक लोगों ने 36 घंटे बाद उनका आमरण अनशन स्थगित करा दिया है.
निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के दोनों ओर सर्विस रोड की मांग को लेकर दो वरिष्ठ नागरिकों द्वारा शुरू किया गया आमरण अनशन मंगलवार को मार्मिक मोड़ पर समाप्त हुआ. इस दौरान प्रशासन की ओर से कोई सुध न लेने और अनशनकारियों की वृद्वावस्था व बिगड़ी सेहत को देखते हुए कॉलोनीवासियों ने दोनों बुजुर्गों से मार्मिक अपील व निवेदन करते हुए जूस पिलाकर उनका आमरण अनशन स्थगित करवा दिया है.
गौरतलब है कि हाउसिंग बोर्ड कालोनी में सर्विस रोड की मांग को लेकर सेवानिवृत्त कर्मचारी विश्वनाथ सिंह और ओमप्रकाश अग्निहोत्री ने 17 नवंबर सुबह 10 बजे से आमरण अनशन पर बैठते हुए अन्न-जल त्याग दिया था और लगातार 36 घंटे तक अपनी मांग पर अडिग रहे. इस दौरान प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनसे मिलने तक नहीं पहुंचा।
अनशन पर बैठे ओमप्रकाश अग्निहोत्री की तबीयत 24 घंटे पूरे होते ही खराब हो गई थी. उन्होंने भावुक होकर कहा था मुझे बीपी और शुगर की प्रॉब्लम है, चक्कर आ रहे हैं. दुख इस बात का है कि हमने शासन को 8 बार पत्र लिखा, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. मैंने मरना ही बेहतर समझा, इसलिए भूख हड़ताल पर बैठा हूं। बुजुर्गों ने दृढ़ता से कहा था कि जनहित में यदि जान भी जाए तो उन्हें कोई गम नहीं है. हालांकि अनशन लंबा खिंचने और बुजुर्गों की जान जोखिम में पडऩे के कारण स्थानीय निवासियों में उनके बिगड़ते स्वास्थ्य को लेकर चिंता निर्मित हो गई थी.
उल्लेखनीय है कि हाउसिंग बोर्ड के समीप रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण की शुरुआत से ही लोगों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है. ब्रिज कार्पोरेशन द्वारा ब्रिज में खतरनाक कर्व को लेकर कालोनी के रहवासी पहले से ही आक्रोशित थे. इसके बाद ब्रिज के एक तरफ ही सर्विस लेन बनाने के निर्णय को लेकर उनके आक्रोश का ज्वार भड़क उठा. उन्होंने बीते दिनों देवी माता की प्रतिमा को ज्ञापन देने से लेकर, सांप- सीढ़ी प्रतियोगिता, घरों पर काले झंडे लगाने और मानव श्रृंखला बनाने जैसे कदम उठाए थे. सोमवार से दो बुजुर्गों द्वारा आमरण अनशन शुरू किया गया था जो 36 घंटे बाद कालोनी के वाशिंदों के हस्तक्षेप से समाप्त हुआ.
कॉलोनीवासियों की मुख्य मांगें हैं निर्माणाधीन ओवरब्रिज के दोनों तरफ सर्विस रोड उपलब्ध कराई जाए. हाईवे का सीमांकन रेलवे बाउंड्री से किया जाए ताकि उनकी आवाजाही सुगम हो सके और दुर्घटनाओं का खतरा कम हो सके.
कालोनीवासियों ने बुजुर्गों से की मार्मिक अपील
अनशन के दूसरे दिन मंगलवार को जब बुजुर्गों की शारीरिक स्थिति अधिक नाजुक हुई तो हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सहित आस-पास के निवासियों ने एकजुट होकर बुजुर्गों के जीवन को प्राथमिकता दी. उन्होंने अनशनकारियों से भावनात्मक अपील की और उनसे अनशन समाप्त करने का आग्रह किया. स्थानीय निवासियों ने जूस पिलाकर दोनों वरिष्ठ नागरिकों का आमरण अनशन तुड़वाया. इसके बाद जुलूस के रूप में दोनों बुजुर्गों को उनके घर तक ले जाया गया. कालोनी के रहवासी पूर्व पार्षद मनोज गुजराती ने कहा कि फिलहाल बुजुर्गों की स्थिति को देखते हुए आमरण अनशन स्थगित किया गया है. इसके बाद भी यदि हमारी मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन को जारी रखा जा सकता है.
