
अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर में सोमवार को अमरकंटक ताप विद्युत गृह में कार्यरत निजी कंपनी की ओर से मजदूरों को नौकरी से निकाले जाने के विरोध में कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष और भाजपा के पूर्व विधायक रामलाल रौतेल मजदूरों की बहाली की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठ गए हैं। जिसके बाद कंपनी के लोगों ने सभी कर्मचारियों को बहाल करने की बात कही और सभी कर्मचारियों को गेट पास जारी किए।
ज्ञात हो कि मेसर्स हैप्पी आउट सोर्स कंपनी ने पिछले लगभग 10-12 साल से वहां कार्यरत थे। उन मजदूरों को काम से निकाल दिया है। जिसे बहाल किये को लेकर आयोग अध्यक्ष रौतेल लगातार जिला प्रशासन को इस मामले की जानकारी दे रहे थे और मजदूरों की बहाली की मांग कर रहे थे। जिस पर कंपनी ने केवल दो मजदूरों को बहाल करने पर सहमति जताई थी। जिसके बाद आयोग अध्यक्ष ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
रामलाल रौतेल ने बताया कि इन मजदूरों को बिना किसी ठोस कारण के नौकरी से निकाला गया है। जिसे लेकर 6 नवंबर को श्रम विभाग को एक पत्र सौंपा था, जिसमें मजदूरों की बहाली की मांग की गई थी और बहाली न होने पर 17 नवंबर को कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठने की चेतावनी दी गई थी। जिस पर आज सभी मजदूरों की बहाली न होने के कारण रौतेल धरने पर बैठे और उन्होंने घोषणा की है कि जब तक सभी मजदूरों को बहाल नहीं किया जाता, उनका धरना जारी रहेगा। उनके साथ बरगवां अमलाई के उपाध्यक्ष डॉ. राज तिवारी और कुछ पार्षद भी धरने में शामिल हुए। कुछ घंटे चले अनशन के बाद कंपनी के लोगों ने सभी कर्मचारियों को बहाल करने की बात कही और सभी कर्मचारियों को गेट पास जारी किए। जिसके बाद रामलाल रौतेल ने अपना अनशन खत्म कर दिया।
