दीपावली से पहले लिए खाद्य सैंपल की रिपोर्ट एक माह बाद भी नहीं आई, उपभोक्ता व व्यापारी नाराज़

सीहोर। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा शहर के विभिन्न बाजारों से करीब दो सप्ताह पहले खाद्य सामग्री के सैम्पल लिए गए थे, लेकिन अभी तक उनकी जांच रिपोर्ट जारी नहीं की गई है. रिपोर्ट में देरी होने के कारण उपभोक्ताओं और दुकानदारों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.

दीपावली जैसे बड़े पर्व से ठीक पहले जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘शुद्ध के लिए युद्धÓ अभियान सिर्फ औपचारिकता साबित होता दिख रहा है. हर साल चलने वाला ‘शुद्ध के लिए युद्धÓ अभियान इस बार भी सिर्फ कागज़ी कार्रवाई बनकर रह गया है. दीपावली से ठीक पहले 15 अक्टूबर को जिलेभर में लिए गए खाद्य सैंपलों की रिपोर्ट एक महीने बाद भी जारी नहीं हुई। जबकि नियम के मुताबिक 14 दिन में रिपोर्ट मिलना अनिवार्य है.

दुकानदारों का कहना है कि रिपोर्ट नहीं आने के कारण वे अनिश्चितता की स्थिति में हैं. यदि कोई सैम्पल फेल हो जाता है तो उसके आधार पर कार्रवाई होनी होती है, लेकिन रिपोर्ट ही नहीं आने से व्यापार प्रभावित हो रहा है. इसके साथ ही उपभोक्ताओं को भी असमंजस है कि बाजार में बिक रही सामग्री सुरक्षित है या नहीं.

उपभोक्ताओं का आरोप है कि विभाग के ढीले रवैये के कारण मिलावटखोरों के हौसले बुलंद हैं. त्योहारों का सीजन नजदीक होने के चलते शहर में पहले ही मिलावटी उत्पादों की आशंका रहती है, ऐसे में रिपोर्ट आने में देरी खाद्य सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है. जिला चार विधानसभा क्षेत्रों आष्टा, सीहोर, इछावर और बुदनी में फैला है। यहां हजारों होटल, मिठाई दुकानें, रेस्टोरेंट और मावा प्रतिष्ठान संचालित हैं. इसके बावजूद प्रशासन ने कुछ ही दुकानों से ही सैंपल लिए और जो सैंपल लिए गए थे, उनकी रिपोर्ट भी समय पर नहीं आई. यह स्थिति साफ दर्शाती है कि आमजन के स्वास्थ्य को लेकर खाद्य विभाग की गंभीरता संदिग्ध है. सेंपल रिपोर्ट आने की देरी के बारे में पूछने पर खाद्य निरीक्षक सारिका गुप्ता ने कहा कि प्रदेशभर से बड़ी संख्या में सैंपल जांच के लिए गए होंगे, लैब पर दबाव बढ़ा होगा, इसलिए देरी हो रही है, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि यदि कुछ चुनिंदा सैंपलों की रिपोर्ट भी समय पर नहीं आ सकती, तो मिलावट पर लगाम कैसे लगेगी.

अधिक सैंपल के कारण होता विलंब

जिले के सभी ब्लाकों में अलग-अगल टीम जाकर सेंपल लेती है, जिसे जांच के लिए भोपाल भेजा जाता है. रिपोर्ट आने के बाद जिनके नमूने फेल होते है उन पर कार्रवाई की जाती है. त्योहार पर अधिक सेंपल जांच के लिए पहुंचने पर लेट लतीफी हो जाती है.

सारिका गुप्ता,
खाद्य निरीक्षक, सीहोर

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