इस खबर के बाहर आते ही शेयर बाजार में हड़कंप मच गया। निवेशकों में डर का माहौल है कि अगर यह आरोप पूरी तरह साबित हो गए, तो कंपनियों पर भारी-भरकम जुर्माना लग सकता है।
देश में स्टील की कीमतें बाजार के उतार-चढ़ाव से नहीं, बल्कि कथित तौर पर कुछ बड़ी कंपनियों की आपसी ‘सेटिंग’ से बढ़ाई जा रही थीं। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की एक बड़ी जांच में देश की दिग्गज स्टील कंपनियों टाटा स्टील, JSW स्टील और सरकारी कंपनी SAIL को दोषी पाया गया है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आरोप है कि इन कंपनियों ने आपस में साठगांठ कर स्टील की कीमतें प्रभावित किए।
ये मामला केवल कंपनियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों की भूमिका भी सामने आई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, CCI ने अपनी जांच में पाया है कि साल 2015 से 2023 के बीच अलग-अलग समय पर कीमतों को लेकर मिलीभगत की गई. इस जांच के घेरे में 56 वरिष्ठ अधिकारी आए हैं, जिन्हें इस अनैतिक व्यापार के लिए जिम्मेदार माना गया है।
