
जतारा। बेटी की जान बचाने के लिए मां के कुएं में कूदने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। काफी जद्दोजहद के बावजूद वह अपने कलेजे के टुकड़े को नहीं बचा सकी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने महिला और उसकी मृत बेटी को बाहर निकाला। घटना के बाद गांव भर में मातम है। अस्पताल में मृत बेटी का पीएम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
हादसा जतारा थाना इलाके के बगौरा गांव में कल शाम को हुआ। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। बगौरा गांव में रहने वाली जयंती कुशवाहा
की 4 साल की बेटी कल्पना उर्फ दीपू के साथ घर से खेत के लिए निकली थी। कल्पना कुरकुरे खाते हुए चल रही थी। इसी दौरान उसका पैर फिसला और वह कुएं में जा गिरी। महिला की चीख पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग कुएं के पास पहुंचे। मां-बेटी के रेस्क्यू की
कोशिशें शुरू कीं। रस्सी के सहारे एक आदमी कुएं में उतरा। फिर जयंती और कल्पना को बाहर निकाला। ग्रामीणों ने मां-बेटी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जतारा पहुंचाया।
यहां मेडिकल चेकअप के बाद डॉक्टरों ने कल्पना को मृत घोषित कर दिया। जयंती को इलाज के लिए भर्ती कर लिया
है। जतारा थाने के एसआई एनके ठाकुर ने कहा बच्ची के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन को सौंप दिया है। मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सरपंच प्रतिनिधि कैलाश प्रजापति ने बताया कि जयंती का पति दीपू कुशवाहा 33 मजदूरी और खेती किसानी करता है। घटना के दौरान वह अपने घर पर था। दंपती का एक बेटा और एक बेटी थे। बेटा बड़ा है जबकि बेटी कल्पना छोटी थी। बेटी की जान बचाने के लिए मां के कुएं में कूदने से वह गंभीर रूप से घायल हो गई। काफी जद्दोजहद के बावजूद वह अपने कलेजे के टुकड़े को नहीं बचा सकी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने महिला और उसकी मृत बेटी को बाहर निकाला। घटना के बाद गांव भर में मातम है। अस्पताल में मृत बेटी का पीएम कराकर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
