
अनूपपुर। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा में न्यायाधीश अमनदीप सिंह छाबड़ा के सरकारी आवास पर हुए पथराव और जान से मारने की धमकी के मामले ने न्यायिक तंत्र में सनसनी फैला दी है। इस घटना पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश माया विश्वलाल ने पुलिस प्रशासन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि न्यायाधीशों की सुरक्षा में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ज्ञात हो कि 24-25 अक्टूबर की दरम्यानी रात कोतमा में पदस्थ न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अमनदीप सिंह छाबड़ा के घर पर कुछ अज्ञात लोगों ने पथराव किया था। हमलावरों ने घर के गेट, लैम्प और दीवार में लगे लोहे के एंगल तोड़ दिए तथा अश्लील गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। सूचना के बाद भी भालूमाड़ा पुलिस करीब आधे घंटे देर से मौके पर पहुंची, जिससे न्यायाधीश ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
घटना की जानकारी मिलने पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश माया विश्वलाल रविवार को स्वयं घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने थाना प्रभारी संजय खलको और एसडीओपी आरती शाक्य को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट कहा कि यदि आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वह पूरा मामला हाईकोर्ट को रिपोर्ट करेंगी।
भालूमाड़ा पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 294, 506, 427, 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया है, लेकिन दो दिन बीतने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। न्यायाधीश छाबड़ा ने बताया कि आधी रात को कुछ लोगों ने उनके घर पर पथराव कर धमकी दी कि कैसे मजिस्ट्रेटी करते हो, देख लेंगे, जान से मार देंगे। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।
