
उज्जैन: सूर्य की वृश्चिक संक्रांति 16 नवंबर रविवार से शुरू हो रही है। इस दौरान एक माह तक श्रद्धालु धार्मिक नगरी उज्जैन में शिप्रा में स्नान कर दान-पुण्य कर सकेंगे। सूर्य अभी तुला राशि में है जो वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे।
उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डब्बावाला ने बताया कि सूर्य के राशि परिवर्तन को संक्रांति कहते हैं। संक्रांति का महत्व पर्व जैसा है, इन दिनों में श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर दान पुण्य आदि करते हैं। इस अवधि में स्नान व दान का विशेष फल मिलता है। सूर्य 16 दिसंबर तक वृश्चिक राशि में रहेंगे।
