जबलपुर: कोतवाली थाना अंतर्गत पंजाब बैंक कॉलोनी में शुक्रवार शाम बदले की आग में कातिलों ने एक घर का चिराग बुझा दिया। पुलिस हत्या का प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है लेकिन अब तक कातिलों का पुलिस को कोई अहम सुराग नहीं लगा जिसके चलते वह पुलिस गिरफ्त से दूर है हालांकि पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जायेगा। पुलिस की टीमें छापेमारी कर ही है। संभावित ठिकानों पर तलाश चल रही है।
पुलिस के मुताबिक कु. आस्था भार्गव 18 वर्ष निवासी पंजाब बैंक कॉलोनी, दमोहनाका ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह कक्षा 12 वीं में पढ़ाई करती है, शुक्रवार शाम लगभग 4 बजे कोचिंग पढक़र घर आई थी, घर में मम्मी, पापा, भाई हर्षित भार्गव, चचेरा भाई अंशू उर्फ ललित भार्गव, चाचा चंद्रकांत भार्गव, चाची अरूणा भार्गव एवं अन्य लोग थे शाम लगभग 4-30 बजे भाई अंशू उर्फ ललित भार्गव, चाचा चंद्रकांत के खाने के लिये बिस्किट लेने मोहल्ले की दुकान पर जा रहा था.
जिसके पीछे पीछे वह एवं भाई हर्षित घर के बाहर रोड़ तक आ गये थे, कुछ देर बाद भाई अंशू उर्फ ललित वापस लौटा रोड़ पर पड़ोस के लडक़े हर्ष दुबे और हर्ष दुबे का दोस्त दीपक मिश्रा अपने साथियों के साथ खड़ा था जिन्होने भाई अंशू को रोक लिया, हर्ष दुबे बोला कि तुमने कुछ दिन पहले मेरे पापा के साथ मारपीट की थी, आज तुम्हें नहीं छोड़ूंगा कहते हुये हर्ष दुबे, दीपक मिश्रा ने जान से मारने की नियत से उसके चचेरे भाई अंशू उर्फ ललित पर चाकू से हमलाकर सीना, हाथ पैर में चोटें पहुंचा दी।
बीच बचाव करने की कोशिश की तभी हर्ष दुबे, दीपक मिश्रा अपने साथियों के साथ मौके से भाग गये। भाई अंशू उर्फ ललित बेहोश हो गया जिसे उपचार के लिए निजी अस्पताल ले जाया गया था जहां से मेडिकल रेफर कर दिया। मेडिकल में डाक्टर ने परीक्षण उपरांत भाई अंशू उर्फ ललित भार्गव 19 वर्ष निवासी पंजाब बैंक कॉलोनी दमोहनाका को मृत घोषित कर दिया था।
पीएम के बाद पहुंचा शव, सदमे में परिवार
शनिवार को पीएम के बाद जब अंशु का शव घर पहुंचा तो परिजनों में चीख पुकार मच गई। परिजन शव से लिपटकर रोते बिलखते रहे। नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई। वहीं आरोपियों की तलाश में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर आयुष गुप्ता एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली रीतेश कुमार शिव के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी कोतवाली मानस द्विवेदी के नेतृत्व में टीम गठित कर लगाई गई।
