जबलपुर: पनागर के रैपुरा ग्राम स्थित अस्तबल से गायब हुए 7 घोड़ों की पतासाजी में जिला प्रशासन व पशुपालन विभाग की टीम जुट गई है लेकिन अभी तक इन घोड़ों के बारे में कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। उधर रैपुरा फॉर्म हाउस का संचालक सचिन तिवारी भी प्रशासन को इन घोड़ों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पा रहा है।
जिससे स्पष्ट हो रहा है कि घोड़ों को गायब करने में कहीं न कहीं सचिन तिवारी का ही हाथ है। ये 7 घोड़े कहां हैं किस हाल में हैं और इनका क्या हुआ है ये सारे सवाल अब भी प्रशासन के सामने चुनौती बनकर खड़े हुए हैं। उधर प्रशासन ने तो साफ कर दिया है कि संचालक सचिन तिवारी के खिलाफ अब बहुत जल्द एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
19 घोड़ों की हो चुकी है मौत
गौरतलब है कि मई माह में हैदराबाद के रेसकोर्स से गुपचुप तरीके से सचिन तिवारी नामक व्यक्ति द्वारा 57 घोड़े पनागर के रैपुरा स्थित फॉर्म हाउस में लाए गए थे। उस वक्त के कलेक्टर दीपक सक्सेना के कार्यकाल के दौरान जब कुछ घोड़ों के बीमारी होने की बात सामने आई तो मामले में जिला प्रशासन से हस्तक्षेप किया था। हालांकि मौसमी बदलाव, रहन सहन और ग्लैंडर्स नामक बीमारी के चलते 19 घोड़ों ने दम तोड़ दिया था । इस प्रकार से रैपुरा के अस्तबल में 38 घोड़े रह रहे थे। इनमें से अभी तक 7 घोड़ों के गायब होने की खबर सामने आई है यानि अब अस्तबल में कुल 31 घोड़े बचे हैं। जानकारी के अनुसार 57 घोड़ों में से 18 थोर ब्रीड के घोड़े थे जिनमें 12 मेल और 6 फीमेल थे वहीं मारवाड़ी नस्ल के 39 घोड़े लाए गए थे जिनमें 4 मेल और 35 फीमेल थे। ये दोनों नस्ल के घोड़े रेस के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं।
इनका कहना है
पनागर के रैपुरा के अस्तबल से 7 घोड़ों के गायब होने की जानकारी सामने आई है। अस्तबल संचालक सचिन तिवारी द्वारा गायब घोड़ों के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं दी जा रही है। अब इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
राघवेंद्र सिंह, कलेक्टर, जबलपुर।
