
नई दिल्ली, 14 नवंबर 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों के करीब आने के साथ ही महागठबंधन (आरजेडी-कांग्रेस-वाम) को बड़ा झटका लगा है। सुबह 10:45 बजे तक के रुझानों में महागठबंधन 54 सीटों पर सिमटता दिख रहा है, जबकि एनडीए (बीजेपी-जेडीयू) 185 सीटों पर मजबूत बढ़त बनाए हुए है। सबसे बड़ा झटका राजद नेता तेजस्वी यादव को लगा है, जो अपनी पारंपरिक राघोपुर विधानसभा सीट से पिछे चल रहे हैं। चुनाव आयोग के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, चौथे राउंड की वोटिंग तक उन्हें बीजेपी उम्मीदवार सतीश यादव से 3016 वोटों से कड़ी टक्कर मिल रही है।
राघोपुर सीट का कड़ा चुनावी इतिहास
वैशाली जिले में स्थित राघोपुर विधानसभा सीट का बिहार की सियासत में अहम इतिहास रहा है और इसे लालू यादव परिवार के गढ़ के रूप में जाना जाता है। लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी दोनों ने मुख्यमंत्री रहते हुए इस सीट का प्रतिनिधित्व किया है। सतीश कुमार यादव, जो यदुवंशी समुदाय से हैं, ने 2010 में राबड़ी देवी को हराया था, लेकिन 2015 में वे तेजस्वी यादव से हार गए थे। इस बार फिर वह तेजस्वी को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी महुआ विधानसभा सीट से पीछे चल रहे हैं।
एनडीए की शानदार बढ़त और बीजेपी का लक्ष्य
रुझानों में एनडीए की शानदार बढ़त से बीजेपी उत्साहित है। केंद्र सरकार में मंत्री गिरिराज सिंह ने एनडीए की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “बिहार की जीत हमारी है, अब बंगाल की बारी है।” बीजेपी ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित अपने सभी 101 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। बिहार के रुझान स्पष्ट कर रहे हैं कि जनता ने विकास और स्थिरता के लिए एनडीए पर विश्वास जताया है।
