सेंधवा: इंदौर से मुम्बई जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 3 पर दुर्घटनाओं के मद्देनजर बाकानेर घाट के साईड से वैकल्पिक मार्ग 106 करोड़ रूपये की लागत से 8.8 कि.मी. का बनाया गया है. निर्माण के मात्र 6 माह बाद ही यह सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई. इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में प्रस्तुत जनहित याचिका की सुनवाई पश्चात न्यायालय द्वारा अतिरिक्त सालीसिटर जनरल को इस मामले में उपयुक्त कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए 15 दिसम्बर तक न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश जारी किये है.
उक्त निर्देश उच्च न्यायालय इंदौर खंडपीठ के न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला एवं न्यायमूर्ति बिनोद कुमार द्विवेदी द्वारा सेंधवा के सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता बी.एल. जैन द्वारा प्रस्तुत जनहित याचिका की सुनवाई पश्चात् जारी किए गए है. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिषेक तुगनावत द्वारा न्यायालय को बताया गया कि लगातार दुर्घटनाओं में जनहानि एवं जन शिकायतों को देखते हुए एनएचएआई द्वारा इंदौर से मुम्बई जाने वाले मार्ग पर वैकल्पिक रूप से बाकानेर घाट के साईड वाले हिस्से में 8.8 किमी. हिस्से में नई सड़क का निर्माण किया गया है.
निर्माण कार्य गुणवत्तापुर्वक नही होने के कारण मात्र 6 माह बाद ही 6 इंच बारिश मे यह सड़क गड्डों में तब्दील हो गई है। जिसका खामियाजा आये दिन इस मार्ग से यात्रा करने वाले वाहन चालक एवं यात्री भुगत रहे हैं. 15 सितम्बर को रात्रि में गड्डो को बचाने के चक्कर मे एक कार अनियंत्रित हो जाने के कारण आगे चल रहे डम्पर से टकरा गई जिसमे खरगोन के एक युवा की 24 वर्ष आयु में मौत हो गई एवं उनके दोनो साथी को गंभीर चोटे आई है.
इस मामले को लेकर याचिकाकर्ता द्वारा प्रधानमंत्री, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, सचिव सडक परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को सप्रमाण शिकायते की गई लेकिन समस्या का निदान नही होने पर याचिकाकर्ता द्वारा उच्च न्यायालय मे जनहित याचिका प्रस्तुत करते हुए सचिव सड़क परिवहन मंत्रालय, चेयरमेन एनएचएआई, रीजनल ऑफिसर एवं प्रोजेक्ट डायरेक्टर एनएचएआई को प्रतिवादी बनाया जाकर इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाकर सड़क के स्थायी सुधार हेतु आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग न्यायालय से की गई है. केन्द्र शासन की ओर से अतिरिक्त सालीसिटर जनरल सुनील जैन ने पैरवी की. सुनवाई पश्चात न्यायालय द्वारा अतिरिक्त सालीसिटर जनरल को इस मामले में उपयुक्त कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए 15 दिसम्बर तक न्यायालय में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश जारी किये है.
