
नई दिल्ली, 11 नवम्बर: दिल्ली धमाके के बाद, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने संभावित अशांति को रोकने के लिए बड़े स्तर पर छापेमारी अभियान चलाया। इस अभियान में अब तक 1500 से ज्यादा संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह प्रि-एम्पटिव स्ट्राइक (रोकथाम के तहत की गई कार्रवाई) है, जिसका उद्देश्य आतंकियों के नेटवर्क को कमजोर करना और उनके पुनर्गठन को रोकना है।
आतंकी नेटवर्क पर कड़ी निगरानी
पुलिस का मुख्य फोकस उन युवाओं पर है जिनके संबंध आतंकियों या उनके समर्थकों से रहे हैं। इसके अलावा, पाकिस्तान में बसे आतंकियों के रिश्तेदारों की भी निगरानी की जा रही है। गांदरबल जिले में 39 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया जो सार्वजनिक शांति के लिए खतरा पैदा कर रहे थे। अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने से पहले ही उन पर लगातार दबाव बनाए रखना है।
विधिसम्मत जाँच और शांति का संकल्प
छापेमारी के दौरान पुलिस ने संदिग्ध वस्तुओं, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों की जाँच की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि पूरा अभियान विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि राज्य में शांति बनाए रखने के लिए ऐसे अभियान आगे भी जारी रहेंगे। इस बीच, दिल्ली में हुए भीषण धमाके की जाँच विभिन्न एजेंसियाँ कर रही हैं, जिसने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है।
