
सीहोर। कलेक्टर बालागुरू के ने टीएल बैठक के दौरान कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत का अर्थ है कि संबंधित अधिकारी ने अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह नहीं निभाई या अपने दायित्व में लापरवाही बरती है. उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अमला जनता की सेवा के लिए है, इसलिए जनता के काम हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.
बैठक में उन्होंने सभी विभागों के समय-सीमा वाले प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन में लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और समय सीमा के भीतर सभी प्रकरणों का संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए. सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें प्राथमिकता से बंद कराई जाए.
उन्होंने कहा कि किसानों का उपज के विक्रय के बाद जल्द भुगतान किया जाना सुनिश्चित करें. नीलामी प्रक्रिया के दौरान बोली को कृत्रिम रूप से नीचे आने से रोकने के लिये नोडल अधिकारी और मंडी सचिव को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं. मंडी की व्यवस्थाओं के साथ ही व्यापारियों के स्टॉक की जांच भी की जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्यवाही की जाए.
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती सर्जना सिंह यादव, अपर कलेक्टर वृंदावन सिंह, संयुक्त कलेक्टर सुश्री वंदना राजपूत, रविन्द्र परमार, एसडीएम तन्मय वर्मा, श्रीमती स्वाति मिश्रा, डिप्टी कलेक्टर जमील खान सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी बैठक में उपस्थित थे. कलेक्टर बालागुरू के ने बैठक में कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान कई बार अन्य विभागों के निर्माण कार्य या संपत्तियां क्षतिग्रस्त हो जाती हैं, जिससे शासन का धन हानि होती है. उन्होंने कहा कि यह जनता के पैसे की बर्बादी है, जिसे हर हाल में रोका जाना चाहिए. उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि अपने निर्माण कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतें.
