सतना: गलती से नीचे गिरे मोबाइल को चुपचाप उठाकर अपने पास रख लिया और उक्त मोबाइल नंबर से अटैच दो बैंक खातों के 1.30 लाख रुपए को यूपीआई के जरिए कई ट्रांजैक्शन करते हुए निकल लिया. फरियादी की शिकायत पर जब पुलिस ने आरोपी युवक को पकड़ा तो इसका खुलासा हुआ. आरोपी युवक के पास से पुलिस ने 40 हजार रु बरामद कर लिए.
रीवा जिले के मनगवां थाना क्षेत्र बेलवा पैकान गांव के निवासी पुष्पेेंद्र सिंह पिता सुरेश उम्र 43 वर्ष, मैहर जिले के अमदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर स्थित खेरवासानी टोल प्लाजा कंपनी में कार्य करते हैं. पुष्पेंद्र ने पुलिस को बताया कि टोल प्लाजा में कार्य करने के दौरान उनका ओप्पो कंपनी का के-13 मोबाइल गिर गया. उन्होंने अपने मोबाइल को खोजने का काफी प्रयास किया लेकिन उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली. इसी दौरान उनके गिरे हुए मोबाइल को किसी ने चुरा लिया. पुष्पेंद्र के अनुसार दरअसल उनके मोबाइल में जो सिम लगी हुई थी वह नंबर एसबीआई मनगवां और बैंक ऑफ बड़ौदा शिल्पी प्लाजा रीवा के खाते से टटैच था.
उसके मोबाइल पर मौजूद यूपीआई फोन-पे के माध्यम से किसी व्यक्ति ने पैसे निकालने शुरु कर दिए. उनके मोबाइल के यूपीआई से कई ट्रांजैक्शन के जरिए उनके खाते में जमा 1 लाख 30 हजार रु निकाल लिए गए. मामले की शिकायत मिलने पर सक्रिय हुई पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली. तकनीकी साक्ष्य सामने आने पर पुलिस ने आरोपी की पहचान करते हुए उसे दबोच लिया. पकड़े गए आरोपी की पहचान महज 20 वर्ष के युवक बुद्धिमान उर्फ मनीष कुशवाहा पिता चंद्रभान निवासी भीर नईगढ़ी मऊगंज के तौर पर हुई. पुलिस द्वारा आरोपी युवक के पास से 40 हजार रु बरामद कर लिया गया.
खतरे की घंटी
आपका मोबाइल यदि किसी अवांछित व्यक्ति के हाथ लग जाए तो सबसे पहले तो उसे उसका फोन लॉक खोलना होगा. यदि फोन का लॉक आसानी से खुल भी गया तो उसमें मौजूद यूपीआई एप से ट्रांजैशन करने के लिए उसे 6 अंकों के गुप्त कोड की आवश्यकता होगी. लिहाजा या तो यह सारी जानकारियां आरोपी को चुराए गए फोन में ही मिल गई होंगी अथवा गुप्त कोड जानने के लिए किसी एक्सपर्ट का सहारा लिया गया होगा. हलांकि इस पहलू पर पुलिस द्वारा किसी तरह की जानकारी साझा नहीं की गई कि फोन की महत्वपूर्ण जानकारी आरोपी के हाथ कैसे लगी. लेकिन यह घटना उस खतरे की घंटी के प्रति आगाह करने के लिए काफी है कि मामला केवल चोरी हुए 10-15 हजार के मोबाइल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके चलते बैंक खाते में भी सेंध लग सकती है.
