पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट: 3 मजदूरों की मौत, 17 घायल; मलबे में अभी भी लापता लोगों की तलाश,फैक्ट्री संचालक हिरासत में

(जितेन्द्र पुरोहित)देवास। जिले के टोंककला क्षेत्र में गुरुवार सुबह हुए भीषण पटाखा फैक्ट्री विस्फोट ने पूरे इलाके को दहला दिया। धमाका इतना जोरदार था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और आसपास के मकानों तक में कंपन महसूस किया गया। हादसे में अब तक 3 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई मृतक का नाम

1.धीरज पिता बग्गी राम पासवान उम्र 40 साल निवासी भवानीपुर थाना पुल्खा जिला अररिया (बिहार)

2. सनी निवासी लखनऊ

3. सुमित निवासी गोखलपुर जिला अररिया बिहारहै, जबकि 17 लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं 3 महिलाओं के अब भी लापता होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

विस्फोट के बाद फैक्ट्री परिसर में आग और धुएं का घना गुबार फैल गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, दमकल और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे तथा मलबे में दबे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया गया। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल, अमलतास अस्पताल, एमवाय अस्पताल इंदौर तथा चोइथराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें 5 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। हादसे के समय फैक्ट्री में बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे। राहत दल लगातार मलबा हटाकर लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है। आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए।

प्रशासनिक अमला मौके पर, सरकार अलर्ट

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के प्रभारी मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने गृह सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए। संभाग आयुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर ऋतुराज सिंह और एसपी पुनीत गेहलोत भी मौके पर पहुंचे तथा राहत एवं बचाव कार्य की मॉनिटरिंग की।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट में लोगों के हताहत होने का समाचार हृदय विदारक है। उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देते हुए मृतकों के परिजनों को राज्य शासन की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता तथा घायलों के निशुल्क उपचार के निर्देश दिए हैं।

पहले भी लगी थी फैक्ट्री में आग

ग्रामीणों के अनुसार 14 मार्च को भी इसी फैक्ट्री में रात के समय आग लग चुकी थी। उस दौरान शिकायत किए जाने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्राम कलमा की सरपंच कविता सुरेंद्र सिंह गोड ने तहसीलदार और थाना टोंकखुर्द को पत्र लिखकर फैक्ट्री को लेकर शिकायत भी की थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो शायद इतना बड़ा हादसा टल सकता था।

फैक्ट्री संचालकों पर पुलिस का शिकंजा

टोंककला फैक्ट्री ब्लास्ट मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री के लायसेंसी अनिल मालवीय को भोपाल के बैरागढ़ से हिरासत में लिया गया है। उनसे फैक्ट्री संचालन, सुरक्षा व्यवस्था और विस्फोट के कारणों को लेकर पूछताछ की जा रही है।

वहीं दिनेश मालवीय को पीपलरांवा से गिरफ्तार कर घटनास्थल की ओर लाया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है।

हादसे की बड़ी बातें

3 मजदूरों की मौत की पुष्टि

17 घायल, 5 की हालत गंभीर

3 महिलाएं अब भी लापता

कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी धमाके की आवाज

फैक्ट्री संचालकों से पुलिस पूछताछ जारी मार्च में भी लगी थी फैक्ट्री में आग

Next Post

तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में पुराने तरीकों पर निर्भर नहीं रह सकते: राजनाथ

Thu May 14 , 2026
नयी दिल्ली, 14 मई (वार्ता) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर देते हुए विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय को मजबूत करने का आह्वान किया है और कहा है कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा अब पुराने तरीकों […]

You May Like