
नई दिल्ली, 08 नवम्बर: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के बाद अब दूसरे चरण के रण की बारी है। 11 नवंबर को 20 जिलों की 122 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होनी है। ये सीटें उत्तर प्रदेश, नेपाल, बंगाल और झारखंड की सीमाओं से लगे सीमांत इलाकों में हैं। इस चरण के लिए सभी सियासी दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है।
दूसरे चरण में एनडीए की तरफ से बीजेपी और जीतन राम मांझी की असली अग्निपरीक्षा होनी है, जिनके सामने 2020 की जीती हुई 66 सीटें बचाने की चुनौती है। वहीं, महागठबंधन में राजद-कांग्रेस के सामने वापसी के लिए पूरी ताकत लगानी होगी। 2020 में महागठबंधन ने इन 122 सीटों में से 50 सीटें जीती थीं। चिराग पासवान के लिए भी यह चरण साख का सवाल है।
यह चरण असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के लिए भी महत्वपूर्ण है, जिसने 2020 में इसी क्षेत्र की पांच सीटों पर विजय हासिल कर सबको चौंका दिया था। AIMIM इस बार लगभग 19 मुस्लिम बहुल सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इसके अलावा, मायावती की बसपा भी कैमूर ज़िले की भभुआ सहित अन्य सीटों पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो कई सीटों का चुनावी गणित बिगाड़ सकती है।
