विदिशा: कलेक्टर अंशुल गुप्ता के निर्देश पर जिले में जनहित से जुड़ी सेवाओं की व्यापक जांच कराई गई, जिसमें चौंकाने वाली लापरवाहियां सामने आईं। राजस्व अधिकारियों द्वारा की गई जांच में 23 यात्री बसों में से 20 बसों में किराया सूची चस्पा नहीं मिली। यात्रियों को किराए की सही जानकारी न मिलने से असुविधा झेलनी पड़ रही है। निर्देशों के बावजूद बस संचालकों ने नियमों का पालन नहीं किया, जिनकी रिपोर्ट जिला परिवहन अधिकारी को भेजी जाएगी।
वहीं पेट्रोल पंपों की जांच में भी खामियां उजागर हुईं। जिले के कुल 26 पंपों में से केवल 4 ही मानकों पर खरे पाए गए, जबकि 22 पंपों में शुद्ध पेयजल, स्वच्छ शौचालय, प्राथमिक उपचार किट और फायर सेफ्टी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ तहसीलदार और नायब तहसीलदार फील्ड जांच के लिए पहुंचे ही नहीं।
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि अधिकारी अपने नियमित कार्यों के साथ जनहित से जुड़े विषयों पर भी गंभीरता से निगरानी रखें। जिला परिवहन अधिकारी गिरजेश वर्मा ने कहा कि मिली रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
