इंदौर. न्यू आरटीओ के पास नायता मुंडला में बनाया गया नया बस स्टैंड शुरू तो हो चुका है, लेकिन यात्रियों के लिए समस्याएं खड़ी हो चुकी हैं. जिनमें अधूरी एप्रोच रोड, बस स्टैंड तक आने-जाने में लगने वाला ज्यादा किराया, स्टैंड तक आने-जाने के लिए सिटी बसों की कमी मुख्य हैं. वहीं पूर्व नवलखा बस स्टैंड पर सन्नाटा छाया हुआ है, न यात्री न व्यापार.विकास के नाम एक और कार्य लिखा गया है नायता मूंडला में न्यू आरटीओ के पास नया बस स्टैंड, जो कि संचालित हो चुका है.
हालांकि, नवलखा बस स्टैंड का यह परिवर्तित स्थान यात्रियों के लिए कई असुविधाएं खड़ी कर रहा है. वहीं, पूर्व अस्थाई बस स्टैंड नवलखा पर सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है. यहां से सिटी बसें संचालित हो रही हैं, जो कि यात्रियों को नवलखा से नए बस स्टैंड तक लाती-ले जाती हंै. लेकिन, स्थिति यह है कि सिटी बसें घंटों उन यात्रियों की प्रतीक्षा में खड़ी रहती हैं, जो नए बस स्टैंड जाना चाहते हैं. बमुश्किल इन्हें यात्री मिलते हैं, अक्सर ये बसें 80 प्रतिशत खाली ही चली जाती हंै.
यह बोले यात्री और व्यापारी
नायता मुंडला बस स्टैंड पर जाने के लिए सिटी बसों के इंतजार में हमारे गंतव्य तक जाने वाली बस छूट जाती हैं, जल्दबाजी में रिक्शा करना पड़ता है, जिसे अधिक किराया देना पड़ता है. इससे समय तो लगता ही है, ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं.
– रोहित मुजालदे
नवलखा की मानों रौनक ही खत्म हो चुकी है. यात्रियों की असुविधा के साथ लोगों के सालों पुराने व्यापार भी खत्म हो चुके हैं, यह विकास की भेंट चढ़ा दिए गए हैं.
– रईस खान
शासन-प्रशासन को इसे हटाना ही था तो जिनका नुकसान हो रहा है, उनके लिए पहले कोई विकल्प निकालते. अब यहां मैदान किस काम का है. जब तक योजना लाएंगे, तब तक समय निकल जाएगा. यहां काम-धंधे करने वालों के सामने भूखों मरने की नौबत है.
– पं. शिव आचार्य
