तीन दशक बाद भी नहीं बुझी प्यास, मंडीदीप में अब भी पानी की किल्लत बरकरार

मंडीदीप:उद्योग नगरी मंडीदीप में पिछले 30 वर्षों से पेयजल संकट बना हुआ है। नगर की करीब 2.5 लाख की आबादी आज भी लगभग 200 बोरों के सहारे पानी के लिए जूझ रही है। अमृत योजना 2.0 के तहत 64 करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का कार्य दिल्ली-गाजियाबाद की बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया था, लेकिन अब तक सिर्फ 27 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है।

तकनीकी स्वीकृति में देरी के कारण यह योजना अटक गई है। नगर पालिका अध्यक्ष प्रियंका अग्रवाल ने बताया कि आगामी डेढ़ वर्ष में आमजन को शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा।नगर में पहले शुरू की गई मुख्यमंत्री पेयजल आवर्धन योजना पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, वहीं उसका अधूरा कार्य अब अमृत योजना के तहत पूरा किया जाएगा। वर्तमान में कुछ वार्डों में एमपीआईडीसी से मात्र 12 लाख लीटर प्रतिदिन जल आपूर्ति हो रही है, जिससे गर्मी में संकट और गहराता है।

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