कहानी और व्यंग्य लेखक संजय जैन को मिला राष्ट्रीय साहित्याँचल व्यंग्य कहानी सम्मान

भोपाल। भोपाल के चार रचनाकार भीलवाड़ा में सम्मानित किए गए। रविवार को भीलवाड़ा

संगम विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय सभागार में साहित्यांचल के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय साहित्य शिखर सम्मान समारोह 2025 का भव्य आयोजन सम्पन्न हुआ। संस्था का यह त्रयोदश आयोजन था।संगम विश्वविद्यालय और साहित्यांचल के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यांचल के मुख्य संरक्षक एवं संगम ग्रुप के चेयरमैन रामपाल सोनी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में प्रसन्न कुमार खमेसरा, प्रो. करूणेश सक्सेना (कुलपति, संगम विश्वविद्यालय), अमरलाल विश्नोई (पर्यावरणप्रेमीऔर समाजसेवी), बसंत सिंह सोलंकी (साहित्य अकादमी), राजेंद्र गोखरू उपस्थित थे।

कार्यक्रम में साहित्यांचल की अध्यक्ष प्रो. सविता टांक, संपादक सत्यनारायण व्यास “मधुप”, कोषाध्यक्ष राजेश शर्मा , सचिव रविकांत व्यास सहित कार्यकारिणी सदस्य भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अभिलाषा जोशी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का वातावरण भावनापूर्ण बना दिया।

भोपाल के तीन रचनाकार पहुंचे भीलवाड़ा

कार्यक्रम में भोपाल के लेखक अशोक व्यास, कमल किशोर दुबे और आसूदो लछवाणी सम्मानित किए गए।अपरिहार्य कारण से संजय जैन कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके। उन्हें राष्ट्रीय साहित्यांचल व्यंग्य कहानी सम्मान दिया गया। उनका सम्मान साथी साहित्यकार ने ग्रहण किया।

देशभर से आए वरिष्ठ साहित्यकारों को रचनाधर्मिता के लिए सम्मानित किया गया।

सम्मानित होने वालों में फिरोजाबाद के रामसनेहीलाल “यायावर” को बद्रीलाल सोनी स्मृति सम्मान, भोपाल के डॉ. कमलकिशोर दुबे को सत्यनारायण मोदानी स्मृति सम्मान, जयपुर की डॉ. कंचना सक्सेना तथा मेरठ की प्रो. सरोजनी “तन्हा” को श्रीमती केसरबाई सोनी स्मृति सम्मान प्रदान किया गया।

इसके साथ ही भोपाल के श्री आसूदो लछवानी को मोतीशंकर चाण्डक स्मृति सम्मान, प्रतापगढ़ (उ.प्र.) के डॉ. दयाराम मौर्य को भगवती प्रसाद देवपुरा स्मृति सम्मान, हरियाणा के डॉ. सत्यवान “सौरभ” को स्वरूप सिंह खमेसरा स्मृति सम्मान तथा श्रीमती प्रियंका “सौरभ” को सुशीलादेवी खमेसरा स्मृति सम्मान प्राप्त हुआ।

इसी क्रम में श्रीनाथद्वारा के प्रमोद सनाढ्य को मोडूराम मीणा स्मृति सम्मान, भोपाल के कहानी और व्यंग्य लेखक एवं जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजय जैन को व्यंग्य-कहानी सृजन सम्मान के लिए चयनित किया गया।

 

 

कार्यक्रम में मेरठ की श्रीमती सुधा शर्मा को सरोजनी शर्मा स्मृति सम्मान, जयपुर की डॉ. अंजू सक्सेना को नर्मदादेवी सिसोदिया स्मृति सम्मान, पटना की श्रीमती रजनी प्रभा को सोहनीदेवी गिलडा स्मृति सम्मान, श्रीनाथद्वारा के श्री नगेन्द्र कुमार मेहता को रघुनाथ नरेन्द्रनाथ तिवाड़ी स्मृति सम्मान, ग्वालियर की श्रीमती कमलेश कटारिया “कमल” को रूकमणी देवी व्यास स्मृति सम्मान, भोपाल के श्री अशोक व्यास को जमनालाल व्यास स्मृति सम्मान तथा गुना के डॉ. सतीशचन्द्र चतुर्वेदी “शाकुन्तल” को मांगीलाल विश्नोई स्मृति सम्मान से अलंकृत किया गया।

 

कार्यक्रम में कुछ पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया। इनमें डॉ. सुधा शर्मा की “धुंधला उजाला”, डॉ. कमलकिशोर दुबे की “मन उपवन सुरभित हो जाए”, प्रो. सरोजनी तन्हा की “बिन मांगे मोती” तथा डॉ. अंजू सक्सेना की “वर्णों की फुलवारी” शामिल हैं।

साहित्यकारों ने काव्यपाठ कर समां बाँध दिया।

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