नयी दिल्ली, 01 नवंबर (वार्ता) प्रसिद्ध साहित्यकार रामदरश मिश्र का शनिवार को यहां मंगलापुरी श्मशानघाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया जिसमें बड़ी संख्या में साहित्यकार, पत्रकार, लेखक और प्रकाशक शामिल हुए।
प्रसिद्ध कवि और आलोचक ओम निश्चल ने यह जानकारी देते हुए बताया कि डा मिश्र का निधन शुक्रवार को उनके द्वारका स्थित आवास पर हुआ। वह 101 वर्ष के थे। डॉ मिश्र जब 99 साल के हुए तो उन्हें घर पर गिरने से काफी चोट लग गई थी और उसके बाद वह द्वारका में रहने लगे। उनका ऑपरेशन आकाश मेडिकल ने कराया था। सफल आपरेशन के बाद वे चलने फिरने लग गये थे।
डॉ रामदरश मिश्र के अंतिम संस्कार में कई प्रमुख लेखर और प्रकाशक शामिल हुए। उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रोफेसर नित्यानंद तिवारी, कथाकार भगवान दास मोरवाल, आलोचक जसवीर त्यागी, कवि ओम निश्चल, डॉ. प्रकाश मनु, श्रीहरि शंकर राही, उपेंद्र मिश्र, डॉ.वेदमित्र शुक्ल, भारतीय शिक्षा बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. सोनी पांडे, मशहूर नाटककार प्रताप सहगल, डॉ. पवन माथुर, लक्ष्मीशंकर वाजपेयी पूर्व महानिदेशक आकाशवाणी, डॉ. रेनू यादव, मशहूर ग़ज़लक़ार नरेश शांडिल्य, केंद्रीय हिंदी संस्थान के पूर्व निदेशक अनिल जोशी, साहित्य अकादमी के उपसचिव देवेंद्र कुमार देवेश, इंद्रप्रस्थ प्रकाशन के अशोक शर्मा, आमोद माहेश्वरी राजकमल प्रकाशन सहित करीब 200 लोग मौजूद थे।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में प्रो रामदरश मिश्र के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा “जाने-माने साहित्यकार और शिक्षाविद रामदरश मिश्र जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनका जाना हिंदी और भोजपुरी साहित्य के लिए अपूरणीय क्षति है। अपनी लोकप्रिय रचनाओं के लिए वे सदैव याद किए जाएंगे। शोक की इस घड़ी में उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।”
