
रायसेन। जिला अस्पताल में गंभीर मरीजों को सही उपचार नहीं मिलने की शिकायतों के बाद अब प्रशासन सख्त हो गया है। हाल ही में स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवजी पटेल ने अस्पताल का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर असंतोष जताया था और गंभीर मरीजों को बिना उचित इलाज के रेफर किए जाने पर सिविल सर्जन को फटकार लगाई थी।
इसी क्रम में शुक्रवार को हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में कलेक्टर विश्वकर्मा ने सीएमएचओ और सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि पिछले एक माह में कितने मरीजों को रेफर किया गया और उन्होंने कहां उपचार कराया, इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर न किया जाए और यदि किसी निजी अस्पताल को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने डॉक्टरों और स्टाफ को निर्देशित किया कि वे मरीजों और परिजनों से धैर्य और संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करें। साथ ही आईएमआर और एमएमआर दरों में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त सर्वे की बात कही। हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं और कुपोषित बच्चों की घर-घर पहचान कर उनकी नियमित जांच और फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सर्वे और सुधार कार्य केवल औपचारिकता न हों, बल्कि वास्तविक रूप से जनता के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में प्रभावी कदम साबित हों।
