इंदौर: शहर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए पुलिस ने जनसहयोग से कनाड़िया बायपास की दोनों सर्विस रोड पर 100 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं. तीनों ब्रिज के अंदर और बाहर भी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे अब इस पूरे मार्ग की गतिविधियों पर 24 घंटे तीसरी आंख से निगरानी रखी जा सकेगी. यह कैमरे न सिर्फ यातायात नियंत्रण में मददगार हैं, बल्कि अपराध की घटनाओं के सुराग जुटाने में भी पुलिस के लिए बड़े मददगार बन रहे हैं.
एडीसीपी अमरेंद्र सिंह ने बताया कि बायपास के होटल, पब, ढाबों और पेट्रोल पंप संचालकों के सहयोग से इन कैमरों की स्थापना की गई है. शहर में पहले से ही करीब 10 हजार कैमरे लगे हैं, जिनमें से लगभग 300 पुलिस के हैं और बाकी निजी. लेकिन अब यही निजी कैमरे पुलिस के लिए अपराध सुलझाने के अहम साधन बन चुके हैं. उन्होंने बताया कि हाल ही में शराब ठेकेदार सूरज रजक पर हमले के मामले में भी बायपास क्षेत्र के कैमरों से पुलिस को अहम फुटेज मिला था, जिससे घटना सुलझाने में मदद मिली.
खजराना और लसूड़िया में भी बिछाया गया था कैमरा नेटवर्क
पुलिस ने इससे पहले लसूड़िया और खजराना बायपास पर भी इसी तरह जनसहयोग से कैमरे लगवाए थे. इन क्षेत्रों में करीब 200 कैमरे स्थापित हैं, जो कई मामलों में अपराधियों तक पहुंचने में सहायक साबित हुए हैं. एडीसीपी ने बताया कि कैमरों की निगरानी कंट्रोल रूम से की जाती है और फुटेज जरूरत पड़ने पर जांच में सीधे उपयोग किए जाते हैं. उनका कहना है कि अब शहर की सुरक्षा में जनता की भागीदारी ही सबसे बड़ा हथियार बन गई है, क्योंकि लगभग 80 प्रतिशत मामलों में सुराग इन्हीं कैमरों से मिलते हैं.
