रीवा: अवधेश प्रताप सिंह विश्विद्यालय द्वारा आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा और परिणाम में हुई व्यापक अनियमिता को लेकर जारी सभी विषयों के परिणाम का पुनर्मूल्यांकन और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच के लिए अभ्यार्थीओ का एक प्रतिनिधि मंडल अधिवक्ता अभिषेक तिवारी के नेतृत्व में संभागायुक्त से मिलकर अपनी बात रखी.पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की गई. विश्विद्यालय द्वारा पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित कराई गई उसके पूर्व पेपर निर्माण में नियमो की अनदेखी हुई है जब की अध्यादेश 11 की धारा 9 में साफ साफ लिखा है की पेपर पैनल द्वारा निर्माण कराया जाएगा एवं विश्वविद्यालय अधिनियम की धारा 44 भी यही प्रावधान करती है.
किंतु विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रश्न पत्र निर्माण में नियम विरुद्ध तरीके से प्रश्न पत्र निर्माण कराया तथा कई विषयों के पेपर निजी महाविद्यालय के शिक्षकों द्वारा बनवाया जिनके द्वारा पेपर लीक किया जाना प्रतीत हुआ, साथ ही विश्विद्यालय कुलगुरु द्वारा जबलपुर में उत्तरपुस्तिका का मूल्यांकन भी वही कराया गया. नई मूल्यांकन समिति गठित की जाय. किसी भी परीक्षा के बाद उस परीक्षा की आंसर की जारी की जाती है एवं आंसर की पर प्रशासन द्वारा दावा आपत्ती ली जाती है.
तत्पश्चात परिणाम जारी होते हैं लेकिन अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में न आंसर की जारी हुई ना दावा आपत्ती लिया गया ना किसी प्राध्यापक को परीक्षा के मूल्यांकन का नोडल बनाया गया और ना ही मूल्यांकन के लिए कोई समिति बनाई गई शारीरिक शिक्षा विषय में डॉक्टर रामभूषण मिश्रा द्वारा स्वयं पैनल तैयार किया गया तथा उसे पैनल से कुलगुरु ने उन्हीं का नाम फाइनलाइज किया क्योंकि वह कलगुरु के नजदीकी है एवं प्रश्नपत्र का निर्माण भी कराया गया जबकि उनके सगे बड़े भाई के बेटे विकल्प मिश्रा परीक्षार्थी थे. संभागायुक्त को ज्ञापन सौप कर पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग की गई है. इस दौरान मोहित गुप्ता, आभा पटेल, प्रभात पाण्डेय, किरन पटेल, शुभम पाण्डेय मौजूद रहे.
उच्च न्यायालय के शरण में जाएगे अभ्यार्थी
विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी प्रवेश परीक्षा में जो अभ्यार्थी चयनित हुए है उनका 6 नवम्बर से साक्षात्कार लेने की तैयारी है. जबकि पूरी प्रक्रिया के विरोध में असंतुष्ट अभ्यार्थीगण उच्च न्यायालय जबलपुर न्याय के लिये जाएगे. अधिवक्ता अभिषेक तिवारी ने बताया कि निष्पक्ष और न्यायिक जांच के लिये हाईकोर्ट में याचिका दायर की जायेगी.
