उज्जैन: महाकाल की नगरी उज्जैन में आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए, शहर के प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है. इसी कड़ी में, गोपाल मंदिर स्थित निगम परिषद के नीचे की दुकानों को तोड़कर नवीन शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है, वहीं आसपास के क्षेत्र में भी दुकानदारों को नोटिस बांटे गए हैं.
यह विकास कार्य जहां एक ओर सिंहस्थ के लिए अत्यावश्यक माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित दुकानदारों और निवासियों में नाराजगी भी साफ दिख रही है. नगर पालिक निगम, उज्जैन द्वारा जारी सूचना-पत्र में गोपाल मंदिर के आसपास की दुकानों को 1 को एक माह के भीतर रिक्त करने का निर्देश दिए है. यह कार्रवाई शहर के उस क्षेत्र में हो रही है, जो महाकाल सवारी मार्ग का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है.
धार्मिक शोभायात्रा, जुलूस, रैली और सवारी मार्ग
यह क्षेत्र पारंपरिक रूप से संकरे गलियों वाला है, जहाँ श्रावण-भादौ मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की भव्य सवारी के दौरान लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं. संकरी गलियां अक्सर भीड़भाड़ और यातायात जाम का कारण बनती हैं. वहीं राजनीतिक सांस्कृतिक सामाजिक रैली जुलूस आए दिन निकलते रहते हैं, एक कारण है कि इन मार्गों को चौड़ा करने की दरकार है.
करोड़ों श्रद्धालु इन मार्गों पर आएंगे
प्रशासन का उद्देश्य इन संकरी गलियों को विस्तारित कर, सवारी मार्ग को चौड़ा और व्यवस्थित बनाना है. इससे सिंहस्थ 2028 के दौरान करोड़ों श्रद्धालुओं के क्राउड मैनेजमेंट (भीड़ प्रबंधन) में बड़ी मदद मिलेगी, साथ ही सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित होगी.
व्यापक अभियान चलेगा
नगर निगम द्वारा रीगल टॉकीज के आसपास समेत शहर के कई अन्य प्रमुख क्षेत्रों से पहले ही अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की जा चुकी है, जो इसी व्यापक चौड़ीकरण अभियान का हिस्सा है.
सिंहस्थ में मिलेगी सुविधा
प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय भविष्य की जरूरतों को देखते हुए लिया गया है।सिंहस्थ-2028 में अनुमानित भीड़ को देखते हुए महाकाल मंदिर और शिप्रा तट तक पहुंचने वाले मार्गों को मास्टर प्लान के अनुसार चौड़ा करना अनिवार्य है. इस विकास से शहर को आधुनिक इंफ्रास्ट्रख्र मिलेगा और श्रद्धालुओं को सुगम एवं सुरक्षित दर्शन की सुविधा मिलेगी. चौड़ीकरण से केवल यातायात ही सुगम नहीं होगा, बल्कि भूमिगत सीवरेज, पानी और बिजली लाइनों के विकास के साथ-साथ चौराहों का कलात्मक सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा.
प्रभावितों की पीड़ा- पेट भरने का सहारा छिनेगा
विकास की इस दौड़ में प्रभावित दुकानदार और भू-स्वामी आक्रोशित हैं. गोपाल मंदिर कॉम्प्लेक्स,रीगल टाकीज कॉम्प्लेक्स, छत्री चौक, मोचीवाड़ा की गलियों में बनी दुकानें हटने से कई छोटे व्यापारियों का रोजगार प्रभावित होगा. दुकानदारों का मुख्य विरोध है कि उन्हें पर्याप्त समय और उचित पुनर्वास का भरोसा नहीं दिया जा रहा । निगम द्वारा नया शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने की बात कही जा रही है, बावजूद व्यापारी ताबड़तोड़ बेदखली की कार्रवाई से चिंतित हैं.
प्रभावित व्यापारियों का मत
प्रभावित व्यापारीयों ने कहा, हमारी पीढ़ी यहाँ व्यापार कर रही है. अतिक्रमण हटाना ठीक है, पर निगम की दुकानों को तोड़ना और जल्दबाजी में खाली करवाना हमारी आजीविका पर सीधा हमला है. हमें वैकल्पिक स्थान या नए कॉम्प्लेक्स में प्राथमिकता सुनिश्चित की जानी चाहिए.
