
नई दिल्ली। भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने अरब सागर के मध्य में एक अत्यंत साहसिक और जटिल अभियान चलाकर एक गंभीर रूप से घायल ईरानी मछुआरे को बचाया। यह चिकित्सा आपातकालीन निकासी (मेडिवैक) कोच्चि से लगभग 1500 किलोमीटर पश्चिम में स्थित ईरानी मछली पकड़ने वाली नाव अल-ओवैस से की गई।
अभियान की शुरुआत तब हुई जब मुंबई स्थित समुद्री खोज एवं बचाव समन्वय केंद्र (MRCC) को ईरान के MRCC चाबहार से सूचना मिली कि अल-ओवैस नाव में इंजन फेल हो गया है और ईंधन ट्रांसफर के दौरान हुए विस्फोट में नाव के कप्तान अल्लाह बख्श (ईरानी नागरिक) की दोनों आंखों और दाहिने कान पर गंभीर चोटें आई हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, MRCC मुंबई ने तुरंत अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नेटवर्क (ISN) के माध्यम से आसपास के जहाजों को सतर्क किया और सहायता की व्यवस्था की। इस दौरान, आईसीजी जहाज सचेत, जो पूर्वी अफ्रीकी देशों से लौट रहा था, को तत्काल राहत के लिए रवाना किया गया।
इसी बीच, मार्शल आइलैंड ध्वज वाला टैंकर एमटी एसटीआई ग्रेस, जो कुवैत से मोरोनी (कोमोरस) जा रहा था, को 27 अक्टूबर की तड़के 2:10 बजे दिशा बदलने के आदेश दिए गए। यह टैंकर सुबह 10 बजे अल-ओवैस से मिला और घायल मछुआरे को अपने जहाज पर ले जाकर आईसीजी चिकित्सा टीम के मार्गदर्शन में टेलीमेडिकल प्राथमिक उपचार प्रदान किया।
इसके बाद, MRCC मुंबई ने टैंकर को निर्देश दिया कि वह दक्षिण-पश्चिम दिशा में आगे बढ़कर आईसीजी जहाज “सचेत” से मिले, ताकि घायल को आगे उपचार के लिए स्थानांतरित किया जा सके। चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों के बावजूद यह स्थानांतरण 28 अक्टूबर सुबह 9:27 बजे सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
वर्तमान में घायल ईरानी मछुआरा आईसीजी जहाज सचेत पर चिकित्सा देखरेख में है, जो आगे के इलाज के लिए गोवा की ओर बढ़ रहा है।
यह जटिल और जोखिमपूर्ण अभियान भारतीय तटरक्षक बल की अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता और समुद्री सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है, साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में इसे एक विश्वसनीय खोज एवं बचाव एजेंसी के रूप में पुनः स्थापित करता है।
