
शाजापुर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शाजापुर एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को नगर के बस स्टैंड परिसर में भव्य स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया।
यह अभियान केवल सफाई कार्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देने का एक प्रेरणादायक प्रयास बना। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आनंद कुमार तिवारी ने किया। इस अवसर पर कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना और पुलिस अधीक्षक यशपाल सिंह राजपूत सहित जिला न्यायालय के न्यायाधीशगण, अधिकारी, अधिवक्ता संघ के सदस्य तथा न्यायालय कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने स्वयं झाड़ू लगाकर परिसर की सफाई की और स्वच्छता अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान जिला न्यायाधीश तिवारी ने कहा कि “स्वच्छता केवल योजना नहीं, यह नागरिकता का संस्कार है।” उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का यह नैतिक दायित्व है कि वह अपने घर, गली और कार्यस्थल को स्वच्छ रखे। स्वच्छ वातावरण न केवल स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि यह अनुशासन और संस्कृति का प्रतीक भी है।
अभियान में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, नगरपालिका कर्मचारी और स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने ‘स्वच्छ शाजापुर, सुंदर शाजापुर’ का संकल्प लेते हुए यह प्रतिज्ञा की कि वे अपने आसपास सफाई रखेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
इस सामूहिक पहल ने यह संदेश दिया कि जब न्यायपालिका, प्रशासन और जनता एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो समाज में स्वच्छता की नई चेतना अवश्य जन्म लेती है। कार्यक्रम के अंत में न्यायमूर्ति तिवारी ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान केवल एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि एक सतत सामाजिक आंदोलन है, जो नागरिक जिम्मेदारी और जागरूकता की दिशा में सशक्त कदम है।
