मुरार जैन समाज द्वारा आठ दिवसीय सिद्वचक्र महामंडल विधान का शुभारंभ

ग्वालियर 28 अक्टूबर। आचार्य श्री विद्याभूषण सन्मति सागर, आचार्यश्री 108 ज्ञानसागर, आर्यिकाश्री विशुद्धमती माताजी के आशीर्वाद एवं आर्यिकाश्री विजयमती माताजी के सानिध्य में सकल दिगंबर जैन समाज मुरार द्वारा आठ दिवसीय श्री सिद्धचक्र महामंडल विधान का शुभारम्भ भगवान पार्श्वनाथ स्वामी की रथयात्रा निकाल कर किया गया।

जैन मंदिर कमेटी के अध्यक्ष दिनेश चंद जैन एवं समाज के प्रवक्ता ललित जैन भारती ने बताया कि यह रथ यात्रा जैन मंदिर मुरार से प्रारंभ होकर माल रोड, खुला संतर, अग्रसेन चौक, सदर बाजार, बारादरी चौराहा होती हुई आयोजन स्थल जैन धर्मशाला चिक संतर पहुंची, जहां विधानाचार्य ब्र. नवीन भैया (त्रिलोक तीर्थ, बड़ागांव) एवं सह विधानाचार्य ब्र. आशा दीदी (कोटा) के मार्गदर्शन में भगवान का अभिषेक कर आरती उतारी गई।

*बग्गियों पर सवार थे इंद्र*

शोभा यात्रा में मुख्य इंद्र बने सभी पात्र बग्गियों पर सवार थे, रथ पर भगवान को लेकर सतीश कुमार जैन बैठे थे, वहीँ भगवान के रथ के सारथी गोपाल जैन बने हुए थे!

*जगह जगह उतारी भगवान की आरती-*

रथयात्रा जिन मागों से गुजरी वहां लोगों ने अपने द्वार पर रंगोली सजाकर रथ में विराजे भगवान की आरती उतारी एवं शोभायात्रा का अनेक स्थानो पर स्वागत किया गया।

*महिलाओं एवं पुरुषों ने किया गरबा, डांडिया*

रथयात्रा में भगवान के रथ के आगे चल रहीं महिलाओं एवं पुरुषों ने अलग अलग ग्रुप बनाकर जैन भजन- कभी वीर बनके महावीर बनके चले आना प्रभू जी चले आना… पर गरबा डांडिया किया।

*आठ दिनों तक प्रतिदिन होगी भगवान की आराधना-* जैन समाज के प्रवक्ता ललित जैन भारती ने बताया कि विधान महोत्सव में प्रतिदिन प्रात 7 बजे से भगवान का अभिषेक, शांतिधारा, सिद्व भगवान की आराधना करते हुए विधान की विशेष पूजा एवं आर्यिका श्री विजयमती माताजी के प्रवचन होंगे, वहीं सांयकाल 7 बजे महाआरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे ।

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