
भोपाल। आईएसआईएस आतंकी संगठन से जुड़े संदिग्ध बड़े हमले की फिराक में थे. दिल्ली में ब्लास्ट करने के साथ ही यूपी का अयोध्या राम मंदिर भी निशाने पर था. भोपाल के करोंद निवासी अदनान और उसके साथी की खतनाक सोच इतनी बड़ी थी कि उनके आस-पास के लोग भी उन्हें भांप नहीं सके. इन संदिग्धों के निशाने पर देश के और भी हिन्दू मंदिर थे. संदिग्ध आतंकियों के सोशल मीडिया पर बने कई फर्जी एकाउंट सामने आने की जानकारी भी आई है. यह जानकारी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के सूत्रों के हवाले से सामने आई है कि अदनान और उसके साथ के मोबाइल और लैपटाप का डाटा रिट्रीव करने पर मिले वीडियो, सोशल मीडिया एकाउंट को चेक करने पर देश विरोधी उनकी गतिविधियों का पता चला है. आरोपी अपनी योजना में इससे पहले सफल होते, उनके मंसूबों पर पानी फिर गया. स्पेशल सेल ने अदनान के अलावां दिल्ली के रहने वाले उसके एक और साथी को भी गिरफ्तार किया गया है. बताया जा रहा है कि संदिग्ध आतंकियों से स्पेशल सेल के अलवा अब एनआईए और यूपीएटीएस भी इस पूछताछ में शामिल हो गई है. संदिग्धों से उनकी बनाई गई गतिविधयों को अंजाम देने को लेकर लगातार सवाल- जवाब किए जा रहे हैं.
अदनान के खिलाफ इससे पहले एमपी एटीएस ने कार्रवाई करते हुए उसे कोर्ट में पेश किया था. अदनान पर यह कार्रवाई तब हुई थी, जब वह वाराणसी में ज्ञानव्यापी के सर्वे कराने वाले जज के खिलाफ सोशल मीड़िया पर धमकीभरा पोस्ट डाला था. अदनान इस दौरान 5 महीने तक जेल में भी रहा.
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल फिलहाल आरोपियों से पूछताछ कर रही है. उनसे और कौन सी प्लानिंग के तहत आगे की क्या कार्रवाई करने के बारे में पूछताछ की जा रही है. स्पेशल टीम के सूत्रों के हवाले से अदनान को लेकर यह जानकारी सामने आई है कि वह अपने धर्म के प्रति कट्टर होने और दूसरों को काफिर समझते हुए उन्हें नुकसान पहुंचाने का इरादा रखता है. यही वजह रही कि वह पढ़ाई में अच्छा विद्यार्थी होने के बावजूद भी अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया.
अदनान के परिवार के लोग भी उसके अच्छे भविष्य की चिंता करते हुए अपना ठिकाना भी बदल लिया. उसके पिता अशोक गार्डेन से करोंद इलाके में मकान लेकर 2 महीने पहले ही शिफ्ट हुए थे. अदनाना के लिए परिवार ने बेहतर से बेहतर पढ़ाई का महौल भी बनाया, लेकिन अदनान घर के पहली मंजिल पर बने कमरे में खुद को बंद रखते हुए आतंकी गिरोह से आनलाइन संपर्क कर देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त होता गया. अदनान अपने आकांओं से खास ट्रेनिंग लेते हुए लोगों के बीच में अपना अच्छा व्यवहार जाहिर करता रहा, जिससे किसी को भी उसके खतरनाक इरादों की जानकारी नहीं लगी. सोशल मीडिया पर अदनान के बने अकाउंट और आतंकी संगठन से संपर्क कर ली गई ट्रेनिंग अब उस पर ही भारी पड़ रही है.
