आसमान से खेतों के लिए झूमकर बरसा अमृत

सीहोर। आखिरकार बीती रात और रविवार को दिन भर हुई मावठे की बारिश ने शहर को पानी-पानी कर दिया. अलसुबह रिमझिम बारिश के बाद दोपहर के समय जोरदार बारिश शुरु हुई तो फिर रुकने का नाम ही नहीं लिया. लगातार चार घंटे तक की बारिश में सिर्फ आधे घंटे का ब्रेक रहा. दोपहर में करीब 1 इंच से ज्यादा बारिश रिकार्ड होने का अनुमान है. मौसम विभाग ने ऐसा ही मौसम दो दिन और बने रहने की संभावना जताई है. यदि इसी तरह बारिश होती रही तो यह मावठा जिले की औसत बारिश का आंकड़ा पूरा कर देगा.

बादलों की सक्रियता से बरसे मावठे से सबसे ज्यादा फायदा उन्हें होगा जिन्होंने अभी बोवनी नहीं की है. इन किसानों को खेतों में पलेवा नहीं करना पड़ेगा. साथ ही जिन किसानों ने एक सप्ताह पहले तक बोवनी कर ली उनकी उपज में शानदार बढ़ोत्तरी होगी. हालांकि जिन किसानों ने पिछले दिनों ही बोवनी की है उन्हें थोड़ी परेशानी हो सकती है, क्योंकि उनके खेत में उपज के साथ-साथ खरपतावार भी ज्यादा उगेगी.

दिन में लगातार बारिश के कारण तापमान में भी तेजी से गिरावट हुई है. दिन का अधिकतम तापमान सीधे 4 डिग्री लुढ़ककर 27 डिग्री पर आ गया, जबकि रात का तापमान 2 डिग्री लुढ़ककर 19 डिग्री रिकार्ड किया गया है. आरएके कॉलेज स्थित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र सिंह तोमर ने बताया कि यह बारिश फसलों के लिए बहुत फासदेमंद रहेगी. साथ ही यह बारिश जमीन में गहराई तक जाती है, जिसका फायदा आगे तक हमें मिलता है. इधर रविवार को हुई तेज बारिश के कारण लोगों को फिर से रेनकोट निकालना पड़ा .तेज बारिश में रेनकोट पहनकर निकले. रात में हुई बारिश के बाद कृषि उपज मंडी में व्यापारियों ने अपना अनाज ढंक लिया. यदि इसी तरह बारिश होती रही तो सोमवार से मंडी में आने वाले किसानों को अपनी उपज की सुरक्षा को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

नागरिकों के लिए भी लाभकारी साबित होगा मावठा

रविवार दोपहर करीब 1 बजे से शाम 5 बजे तक बारिश होती रही. हवा की रफ्तार कम होने से दिन भर तेज बारिश की स्थिति बनी रही. इस बारिश से केवल किसानों को ही राहत नहीं मिलेगी, बल्कि पेयजल संकट में भी राहत मिलेगी. करीब 4 घंटे हुई इस बारिश से जलस्त्रोतों का जलस्तर बढ़ जाएगा. जिसके कारण जहां दिसंबर महीने में ही पानी की समस्या होने लगती है, अब वहीं मार्च-अप्रैल तक जलसंकट के हालात नहीं बनेंगे. गौरतलब है कि मानसूनी बारिश के दौरान जिले के अधिकांश तालाब खाली रह गए थे. ऐसे में उन क्षेत्रों में समय से पहले जलसंकट के हालत बन सकते थे. इस मावठे की बारिश से काफी राहत मिलेगी.

रात भर में 3.7 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड

भू-अभिलेख शाखा के रिकार्ड अनुसार रविवार सुबह 8 बजे तक बीते 24 घंटे के दौरान जिले में 3.7 मिमी औसत बारिश रिकार्ड की गई है. ऐसे में जिले की सामान्य औसत बारिश अब 1094.3 मिमी हो गई है. यानी की औसत बारिश का कोटा पूरा होने में अभी 54.1 मिमी औसत बारिश की और जरूरत है. अभी दो दिन और मावठा गिरने की संभावना है. यदि बादलों की मेहरबानी ऐसे ही बनी रही तो इस मावठे में जिले की औसत बारिश का कोटा पूरा हो सकता है.

दो दिन ऐसे ही रहेगा मौसम

अरब सागर से आ रही नमी के कारण अंचल के मौसम में बदलाव आया है. जिले में 2 दिन और तेज बारिश की संभावना बन रही है।.यह मावठे की बारिश फसलों के लिए काफी लाभदायक सबित होगी.

डॉ. एसएस तोमर,
मौसम वैज्ञानिक, आरएके

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