सेप्टिक टैंक में समा गई दो मासूम भाई की जिंदगी

जबलपुर। गोहलपुर थाना अंतर्गत त्रिमूर्ति नगर में रविवार शाम क्रिकेट खेल रहे दो मासूम भाई गेंद की तलाश में मनमोहन नगर शासकीय अस्पताल के कैम्पस में चले गए और वहां सेप्टिक टेंक में गिर गए जिससे उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासनिक अमला पहुंंचा। रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ जिसके बाद दोनों के शवों को कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया बच्चों के शवों देखकर परिजन के पैरे ताले जमीन खिसक गई। चीख पुकार मचाते परिजन बच्चों के शवों से लिपटकर रोते बिलखते रहे। परिजनों का रो-रोककर बुरा हाल हो गया उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा है हंसी खुशी घर से निकले उनके जिगर के तुकड़े अब इस दुनिया में नहीं रहे। वहीं इस हादसे के बाद से बड़ी लापरवाही भी जिम्मेदारों की सामने आई है। जिसके चलते टैंक का खुला गड्ढा मौत का कुआं बना। जिसने एक घर के दो चिराग बुझा दिए। अगर टेंक को ढका गया होता तो दिल दहला देने वाला दर्दनाक घटना टल सकता था।

क्रिकेट खेलते समय हुए गायब तो शुरू हुई खोजबीन-

जानकारी के मुताबिक त्रिमूर्ति नगर मनमोहन नगर, गायत्री मंदिर के पीछे गली नंबर 2 में राजेश विश्वकर्मा परिवार के साथ रहे है जिनके दो बेटे कान्हा विश्वकर्मा 10 वर्ष और विनायक विश्वकर्मा 12 वर्ष है। दोनों बेटे रविवार शाम पांच बजे दोस्तों के साथ घर के पीछे क्रिकेट खेल रहे थे इसके बाद काफी देर तक वह घर नहीं लौटे तो परिजन चिंतित हो गए। जिनके बाद उनकी तलाश शुरू की गई।

चप्पले देख बढ़ी बेचनी, लाशें निकली तो सदमे मेें गए परिजन-

परिजनों ने पहलेे तो अपने स्तर पर खोजबीन शुरू की इसके बाद वह तलाशे हुए शासकीय अस्पताल के पास पहुंंचे जहां सेप्टिक टैंक के पास बच्चों की चप्पले पड़ी मिली जिसे देखकर परिजनों की बेचैनी बढ़ गई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। लापता बच्चों की चप्पलों से संदेह गहराया। पुलिस ने नगर निगम टीम को सूचित किया इसके बाद रेस्क्यू शुरू हुआ। कड़ी मशक्कत के बाद बच्चों के शवों को बाहर निकाला गया जिन्हें देखकर परिजन सदमें में चले गए।

पहले कान्हा फिर विनायक का शव मिला-

रेस्क्यू के दौरान पहले कान्हा का शव बरामद किया गया। इसके बाद विनायक का शव सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला जा सका।

गेंद की तलाश में गए थे, झाडिय़ों में ढका था टैंक

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि दोनों बच्चे जब क्रिकेट खेल रहे थे तो गेंद मनमोहन नगर शासकीय अस्पताल कैम्पस में चली गई थी जिसकी तलाश में दोनों भाई गए थे। अस्पताल की दीवार को फांदकर दोनों अंदर घुसे। ढूंढते ढूंढते दोनों बिना ढक्कन के सेप्टिक टेंक में पहुंच गए और सेप्टिक टेंक का गड्ढा उन्हें दिखाई नहीं दिया जिसमें दोनों गिर गए थे। यह बात भी सामने आई कि सेप्टिक टैंक झाडिय़ों से ढका हुआ था।

दो चिराग बुझाने वाले जिम्मेदार कौन, आक्रोश बढ़ा-

दो घरों के चिराग बुझाने वाले जिम्मेदार कौन है और इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है। असुरक्षित सेप्टिक टैंक और उसमें ढक्का नहीं होने होने के चलते हादसा हुआ है। हादसे से परिजनों और स्थानीय नागरिकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि रहवासी इलाके में सेप्टिक टैंक का गड्ढा खुला कैसे छोड़ दिया गया ठेकेदार समेत संबंधित जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते हादसा हुआ है।

इनका कहना है

शाम को बच्चे खेल रहे थे। घटना त्रिमूर्ति नगर की है जहां बच्चे बॉल लेने आए थे झाडिय़ों के नीचे गेंद पड़ी थी जिसे लेने पहुंचे इस दौरान वह बिना ढक्का के सेप्टिक टेंक को देख नहीं पाये और गिर गए।

प्रयांशु तिवारी

क्रिकेट खेलते समय हादसा हुआ है। दो बच्चे झाडिय़ों के पास सेप्टिक टैंक में गिरे जिससे उनकी मौत हो गई है। मामले की जांच चल रही है जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

आयुष गुप्ता, एएसपी

 

मनमोहन नगर शासकीय अस्पताल के कैम्पस में बच्चे गेंद लेने आये थे और सेप्टिक टेंक में गिर गए शवों का बरामद कर लिया गया है। पंचनामा कार्रवाई करने के साथ आगे की कार्रवाई की जा रही है।

रीतेश कुमार, टीआई, गढ़ा

Next Post

भाजपा के दीपावली मिलन में समरसता सहभोज, स्वच्छता दूत बहनों का सम्मान

Sun Oct 26 , 2025
ग्वालियर। भारतीय जनता पार्टी ग्वालियर महानगर के दीपावली मिलन समारोह का आयोजन हर्षोल्लास के साथ द ग्रैंड कैसल रिसोर्ट, सनसिटी पर किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री लक्ष्मी जी की महाआरती के साथ हुआ। पार्टी के वरिष्ठजनों सहित उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं द्वारा श्री लक्ष्मी जी की आरती की गई। वहीं […]

You May Like