
ग्वालियर। सीबीआई ने पिछले छह साल से फरार चल रहे सॉल्वर मोहम्मद जावेद को पकड़ लिया और विशेष सत्र न्यायालय में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है। सीबीआई की टीम पिछले छह साल से जावेद की तलाश कर रही थी। वह अलीगढ़ विश्वविद्यालय से पीजी कर रहा था।
व्यापमं ने वर्ष 2009 में पीएमटी का आयोजन किया था। हेमंत का सेंटर गुना में था। हेमंत परीक्षा पास करने के लिए मोहम्मद जावेद को लेकर आया था। हेमंत की जगह पर जावेद ने परीक्षा दी और पास भी कर ली थी। इसमें खुलासे के दौरान केस दर्ज किया गया। एसआइटी से केस सीबीआइ को हस्तांतरित हुआ। विशेष न्यायालय इस केस में अन्य आरोपियों को पहले ही सजा सुना चुकी है। छह साल से फरार जावेद को सीबीआइ टीम अलीगढ़ से गिरफ्तार कर ग्वालियर लेकर आई और न्यायालय में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
*व्यापमं केस में अब भी 24 आरोपी फरार*
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सीबीआई को व्यापमं के 69 केस हस्तांतरित हुए थे। इसमें पीएमटी, आरक्षक भर्ती, शिक्षक सहित अन्य परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वाले 80 आरोपी चालान पेश करने के बाद से फरार थे। कई पकड़े जा चुके हैं, लेकिन अब भी 24 फरार हैं। 69 केस में 46 में फैसला हो चुका है। 23 केस की ट्रायल विशेष न्यायालय में चल रही है। इसमें पीएमटी फर्जीवाड़े की ट्रायल अधिक है, क्योंकि इनमें आरोपियों की संख्या अधिक है। इन परीक्षाओं में सॉल्वर ऐसे लोगों को लाया गया था, जो पीएमटी पास कर चुके थे।
