सीहोर। आखों, दिमाग व नर्वस सिस्टम के लिए घातक कार्बाइड गन पर जिले में प्रतिबंध लगा दिया है. इस गन को चलाने व बेचने वाले दोनों पर कार्रवाई होगी. जेल भी हो सकती है.कार्बाइड गन के नुकसान को देखते हुए कलेक्टर बालागुरु के ने तप्रतिबंध लगा दिया है.
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 में प्रदत्त अधिकारों के तहत सीहोर जिले में यह आदेश दिया है. आम नागरिकों की जान-माल, स्वास्थ्य, सुरक्षा तथा पर्यावरण एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आदेश हुए हैं. उल्लेखनीय है कि कार्बाइड गन से आंखे खराब होने के सीहोर में 28 मामले सामने आए थे. इनमें से कई की स्थिति गंभीर बनी हुई है. जिनका शहर के एक निजी आई हॉस्पिटल में उपचार चल रहा है. आखिरकार कलेक्टर बालागुरु के ने शनिवार को प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर ने कहा कि यह आदेश नागरिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण की रक्षा, प्रदूषण की रोकथाम से संबंधित होकर आम जन से संबंधित है. कोई व्यक्ति को इस प्रकार की गन के निर्माण, क्रय-विक्रय, उपयोग की सूचना प्राप्त होती है तो इसकी सूचना पुलिस कन्ट्रोल रूम पर दे सकता है.
कलेक्टर के आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति, संस्था, व्यापारी प्रतिबंधात्मक पटाखा, आतिशबाजी, लोहा स्टील अथवा पीवीसी पाईपों में विस्फोटक पदार्थ भरकर अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले कार्बाइड गन का निर्माण, क्रय-विक्रय नहीं करेगा. कार्बाइड गन की बिक्री, वितरण या प्रदर्शन पर प्रतिबंध रहेगा. गौरतलब है कि कार्बाइड गन में उपयोग होने वाला कार्बाइड एवं पानी का मिश्रण एसिटिलीन गैस उत्पन्न करता है. आंखों के साथ ही दिमाग और नर्वस सिस्टम के लिए भी घातक है. राज्य के अन्य जिलों में इसके उपयोग से कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई. भविष्य में इसका उपयोग एवं निर्माण, कय-विक्रय, उपयोग व प्रयोग एवं प्रदर्शन पर रोक लगाई गई है.
अधिकारी करेंगे सतत निरीक्षण
गैस लाइटर, प्लास्टिक पाइप और कैल्शियम कार्बाइड के उपयोग से बनी कार्बाइड गन व अन्य खतरनाक उपकरण बनाने, कय-विक्रय, प्रदर्शन एवं इसके उपयोग को प्रतिबंधित किया है. सभी एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस अधिकारी एवं अन्य अफसरों को इस प्रतिबंधात्मक आदेश को सख्ती से लागू कराने एवं निगरानी करने के निर्देश दिए हैं. आदेश तत्काल प्रभावशील होगा.
