जबलपुर: खमरिया थाना अंतर्गत ट्रिपल आईटी की बिल्डिंग से 30 सितम्बर को संदिग्ध परिस्थितियों में नीचे गिरे छात्र की मौत का मामला अब भी अनसुलझा हुआ है। जबकि इसके पहले पांच जून को मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की तीसरी मंजिल से जूनियर डॉक्टर ने मौत की छलांग लगाई थी। दोनों ही मामलों को पुलिस ने आत्महत्या माना। जबकि आरोप हत्या, रैगिंग के लगे।
जिनमें पुलिस की जांच उलझी रही। अब तक पुलिस दोनों ही मामलों में किसी भी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है जिससे पता चल सके कि आखिर छात्रों की मौत कैसे हुई, अगर उन्होंने खुदकुशी की है तो इसके पीछे की मुख्य वजह क्या है इसका भी पुलिस के पास जवाब नहीं है। मेडिकल जूडा की मौत का मामला तो पुराना हो गया जिसे देखकर ऐसा लगने लगा है कि कहीं ट्रिपल आईटी छात्र की मौत का मामला भी अनसुलझा न रह जाये।
अधूरी जांच, गंभीरता से नहीं लिए प्रकरण
ट्रिपल आईटी छात्र के प्रकरण में अभी परिजनों अन्य के बयान बाकी है। मृतक का मोबाइल बंद अवस्थ में मिला। जिसका डाटा रिकवर करने में समय लग रहा है। जांच गति धीमी होने से अब तक पुलिस कारण पता नहीं कर पाई।
जांच रिपोर्ट से नहीं उठा पर्दा
जूनियर डॉक्टर की मौत के बाद पुलिस ने जांच की। रैगिंग कमेटी ने भी जांच की। मेडिकल डीन ने मामले में पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई। जूनियर डॉक्टर ने आत्महत्या किन कारणों से की है इसके साथ ही अन्य बिन्दुओं पर जांच हुई। गोपनीय रिपोर्ट रैगिंग कमेटी को भेजी गई, जांच पड़ताल के बाद भी आत्महत्या के कारण से पर्दा नहीं उठ सका। जबकि परिजनों ने रैंगिंग करने वालों के नाम तक जांच टीम को बताये लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
बिल्डिंग से गिरा था उत्कर्ष–
उत्कर्ष तिवारी पिता चन्द्र कुमार तिवारी 19 वर्ष निवासी बरपुर बलवरगंज जैनपुर उत्तर प्रदेश का ट्रिपल आईटी में डीएम का छात्र था। 30 सितम्बर को मंगलवार दोपहर 12.30 बजे वह अचानक बिल्डिंग से गिर गया था। जिससे उसकी मोत हो गई थी। परिजनों ने हत्या, रैगिंग का आरोप लगाया था।
हॉटस्ल की तीसरी मंजिला से कूदा था शिवांश
मूलत: रीवा निवासी शिवांश गुप्ता पिता संतोष 20 वर्ष मेडिकल कॉलेज में फस्र्ट ईयर का स्टूडेंट था। हॉस्टल नंबर चार में रह रहा था। पांच जून के दोपहर करीब 12 बजे उसने हॉस्टल की तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
इनका कहना है
जूनियर डॉक्टर के एक युवती से दोस्ती थी जो टूट गई थी जिसके बाद से वह परेशान था। आत्महत्या किन कारणों से की इसका कारण फिलहाल पता नहीं चल सका है, रैगिंग जैसी बात सामने नहीं आई।
प्रसन्न कुमार शर्मा, टीआई गढ़ा
मामले की जांच चल रही है परिजनोंं के बयान दर्ज होना बाकी है मृतक छात्र का मोबाइल बंद था जिसे सुधार कार्य और डाटा रिकवर करने भेजा गया है। जांच के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा आत्महत्या किए जाने का कारण अब तक नहीं पता लग सका है।
सरोजनी टोप्पो, टीआई खमरिया
