जबलपुर: घमापुर थाना अंतर्गत बल्दीकोरी की दफाई में शुक्रवार सुबह बड़े भाई और भाभी की चाकू से गोदकर हत्या करने वाले कातिल को पुलिस नहीं ढूंढ पाई है। नाकेबंदी फेल होने के बाद पुलिस ने संभवित ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी है। दो टीमें शहर से बाहर भी रवाना की गई है। जबकि एक टीम जिले में ही उसकी तलाश मेें जुटी हुई हैं लेकिन अब तक ऐसा कोई सुराग नहीं लगा है जिसके सहारे आरोपी तक पहुंचा जा सके। फिलहाल पुलिस के हाथ खाली है।
विदित हो कि बल्दी कोरी दफाई में रहने वाले संजय चौधरी और उसके छोटे भाई बबलू चौधरी के बीच संपत्ति को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। दोनों ही भाईयों का पैतृक मकान अलग-अलग हिस्सा है। दोनों के मकान अगल-बगल बने है। बब्लू पुश्तैनी मकान में निवासरत है जबकि संजय ने दादा रामलाल की बगल मेें खाली जमीन मकान बनाया था। जिसमें भी बबलू हिस्सेदारी मांग रहा था। शुक्रवार सुबह दस बजे बबलू हाथ में चाकू लेकर पहुंचा और हिस्सा मांगते हुए बड़े भाई संजय 45 वर्ष और उनकी पत्नी बबीता चौधरी 40 वर्षीय पर चाकू से हमला कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया था।
संजय पर 33, बबीता पर 23 वार किए
बबलू ने ताबड़तोड़ भैया-भाभी पर चाकू से वार किए थे। सूत्रों के मुताबिक पीएम के बाद खुलासा हुआ कि संजय के शरीर में 33 तो बबीता के शरीर में 23 घाव मिले है। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आरोपित भाई के सिर पर किस कदर खून चढ़ा हुआ था।
मां के निधन के बाद बना सहारा
बचपन में ही संजय-बबलू की मां का निधन हो गया था इसके बाद बड़े भाई ने परिवार की जिम्मेदारी अपने कंधे पर उठाई। बबलू की हर जरूरतों को पूरा करने कोई कसर नहीं छोड़ी। बबलू की धूमधाम से शादी भी कराई। लेकिन पहली पत्नी से तलाक होने के बाद उसकी दूसरी शादी हुई। इसके बाद बबलू की नीयत बदली और वह कारखाने से लेकर मकान में कब्जा करना चाहता था। जिसके चलते उसने खूनी खेल खेलने के साथ अपनों का खून बहाया।
इनका कहना है
आरोपित की तलाश जारी है। पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही है फिलहाल उसका सुराग नहीं लग सका है।
आयुष गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर
