नयी दिल्ली, 24 अक्टूबर (वार्ता) केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) और एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) दोनों के तहत एलसी75 और बीएलसी जैसे निवेश विकल्पों के विस्तार को मंजूरी दे दी है।
वित्त मंत्रालय की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार यह कदम उन कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग के अनुरूप है, जो चाहते थे कि उन्हें भी निजी क्षेत्र की तरह निवेश के अधिक लचीले विकल्प मिलें। इन विकल्पों का उद्देश्य सेवानिवृत्त योजा में लचीलापन बढ़ाना और कर्मचारियों को अपने निवेश को अपनी पसंद और जोखिम क्षमता के अनुसार प्रबंधित करने की आजादी देना है।
इस फैसले के अनुसार कर्मचारी एनपीएस और यूपीएस के तहत जो विकल्प चुन सकते हैं उनमें शन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा समय-समय पर निर्धारित किया गया निवेश पैटर्न वाला डिफॉल्ट (स्वत: प्रस्तुत विकल्प) विकल्प, कम जोखिम और निश्चित रिटर्न के लिए सरकारी प्रतिभूतियों में 100% निवेश वाला स्कीम जी विकल्प, अधिकतम 25 प्रतिशत इक्विटी आवंटन वाला विकल्प, अधिकतम 50 प्रतिशत वाला एलसी-50 विकल्प , एलसी-50 का संशोधित संस्करण -बीएलसी (संतुलित जीवन चक्र) वाला विकल्प शामिल है जिससे कर्मचारी चाहें तो लंबी अवधि तक इक्विटी में निवेशित रह सकते हैं1 एक विकल्प अधिकतम 75 प्रतिशत इक्विटी निवेश का है1 इक्विटी योजनाओं में शेयरों का हिस्सा 35 से 55 वर्ष की आयु तक धीरे-धीरे घटता है।
