
मंदसौर। शहर के प्रमुख जलस्रोत तेलिया तालाब के सीमांकन में हेराफेरी का मामला सामने आया है। नागरिकों ने आरोप लगाया है कि राजस्व और टीएनसी विभाग के अधिकारियों ने मिलीभगत से फील्ड बुक और नक्शा बदल दिया, जिससे तालाब के क्षेत्रफल में भारी बदलाव आया है।
नागरिकों ने बताया कि एनजीटी कोर्ट के आदेश (OA क्रमांक 70/2022 अभय अकोलकर विरुद्ध मप्र शासन) के तहत गठित 28 सदस्यीय दल ने गलत नक्शे से नपती कर रिपोर्ट सौंपी थी, जिससे तालाब की आकृति और क्षेत्र में अंतर आ गया।
इस मामले में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों — राधेश्याम कुमावत, मोहनलाल कुमावत, मुकेश काला, मनोज भाचावत, डॉ. डी.के. शर्मा, डॉ. आलोक मेहता, विरेन्द्र जैन सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने जिला प्रशासन को आवेदन देकर पुनः सीमांकन करवाने और गलत फील्ड बुक व नक्शे को सुधारने की मांग की है।
नागरिकों ने कहा कि तेलिया तालाब का वास्तविक डूब क्षेत्र करीब 94.610 हेक्टेयर निजी भूमि और 32.270 हेक्टेयर शासकीय भूमि है, जिसे संरक्षित करना आवश्यक है।
