जबलपुर: गोहलपुर क्षेत्र में राशन दुकानों पर घुन और इल्लियों वाला अनाज बांटने के मामले ने अब जिला आपूर्ति विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार राशन दुकानों को नया आवंटन तभी दिया जाता है जब पिछला आवंटन पूरी तरह वितरित हो जाता है, लेकिन यहां जून माह का राशन बंटे बिना ही सितंबर माह का नया आवंटन जारी कर दिया गया।
इस पर संबंधित खाद्य अधिकारी ने जांच नहीं की, जिससे विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार प्रत्येक राशन दुकान को कितना अनाज आवंटित हुआ और उसका कितना वितरण हुआ, इसका पूरा रिकॉर्ड पोर्टल पर दर्ज होता है। विभागीय अधिकारी इस पोर्टल की नियमित निगरानी करते हैं, फिर भी इस मामले में पुराना अनाज दुकानों में पड़ा रहा और नया आवंटन जारी कर दिया गया।
पहले क्यों नहीं कि कार्यवाही
राशन वितरण मामले में पुराना राशन पहले से दुकान में रखा रहने के बावजूद दूसरा अनाज आवंटित होने पर क्षेत्रीय लोगों का यह भी कहना है कि जब दुकानदारों ने समय पर राशन नहीं बांटा, तो अधिकारियों को भनक कैसे नहीं लगी..? तब कार्रवाई क्यों नहीं की..? वहीं अब यह भी चर्चा है कि इस मामले से जुड़े संबंधित अधिकारियों को बचाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
ये है पूरा मामला
गौरतलब है कि विगत दिनों मोतीलाल नेहरू वार्ड स्थित दो दुकानों में चावल की बोरियों में इल्लियां और गेहूं में घुन लगा पाया गया था। यह वही अनाज था जो जून माह में आवंटित किया गया था, लेकिन दुकानदारों ने चार महीने बाद अक्टूबर में इसे बांटने की तैयारी की। अनाज पुराना होने के कारण वह खराब हो गया था। जांच में यह भी सामने आया कि दुकानदारों को जून माह में ही तीन माह का राशन एक साथ दे दिया गया था, जबकि जनता को उसी माह वितरण होना था। कार्रवाई के बाद इन दुकानों को समीप की अन्य दुकानों से अटैच कर दिया गया है। हालांकि, अब तक खाद्य विभाग के अधिकारियों की जवाबदारी तय नहीं हो सकी है।
इनका कहना है
जून माह से रखा राशन जो खराब हुआ था, उसके ऊपर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है, साथ ही कारण बताओ नोटिस भी दिया है। हालांकि इसमें विक्रेता की लापरवाही सामने आई है। नोटिस का संतुष्टिकरण जवाब नहीं आने पर राशन विक्रेता से खराब हुए अनाज की वसूली की जाएगी। इसके अलावा सितंबर माह का राशन सिर्फ एक ही दुकान में आवंटित किया गया था।
राजधर साकेत, सहायक आपूर्ति अधिकारी, खाद्य विभाग
