
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर 2025: आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की बुधवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से बिहार में सियासी संग्राम छिड़ गया है। तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के महिला वोटर आधार में सेंधमारी करते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगर 2025 में उनकी सरकार बनी, तो जीविका दीदियों को स्थाई कर दिया जाएगा और उन्हें हर महीने ₹30 हजार वेतन दिया जाएगा। साथ ही, उनके लोन माफ किए जाएँगे, और उन्हें ₹5 लाख तक का इंश्योरेंस भी दिया जाएगा।
तेजस्वी यादव के इस चुनावी वादे ने बिहार का राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। दरअसल, बिहार में जीविका योजना के तहत अब तक करीब एक करोड़ 40 लाख महिलाएँ (बहन-बेटियाँ) रजिस्टर्ड हैं, जो 11 लाख स्वयं सहायता समूह को संचालित कर रही हैं। इन महिलाओं को पारंपरिक रूप से नीतीश कुमार का वोटर माना जाता है और चुनाव परिणामों पर इनका प्रत्यक्ष असर दिखाई देता है।
बिहार में महिला मतदाता उच्च मतदान प्रतिशत के साथ निर्णायक मतदाता मानी जाती हैं। 2010, 2015 और 2020 के विधानसभा चुनावों में एनडीए को इसका लाभ मिला है। यही कारण है कि सीएम नीतीश कुमार पहले से ही कई योजनाएँ चला रहे हैं, और अब तेजस्वी यादव के नए ऐलान ने दोनों गठबंधनों के बीच महिला वोट बैंक को अपने पक्ष में करने की होड़ और टकराव को बढ़ा दिया है।
