
भोपाल। जिला कांग्रेस कमेटी भोपाल (शहर एवं ग्रामीण) ने किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर आज कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व शहर अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना और ग्रामीण अध्यक्ष अनोखी मानसिंह पटेल ने किया।
कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि गेहूं खरीदी में लगातार देरी के कारण किसान भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। उन्होंने खरीदी तिथियों को बार-बार 23 मार्च से 1 अप्रैल, फिर 10 अप्रैल और आगे बढ़ाने को “तारीख पर तारीख” बताते हुए कहा कि इससे किसानों में व्यापक आक्रोश है। खरीदी केंद्र समय पर शुरू नहीं होने से किसानों को अपनी उपज लेकर भटकना पड़ रहा है।
नेताओं ने बताया कि सहकारी संस्थाओं के माध्यम से ऋण वसूली की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित होने के कारण हजारों किसान डिफॉल्टर घोषित हो गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खरीदी और भुगतान सुनिश्चित नहीं है, तो किसान ऋण कैसे चुकाएंगे।
कांग्रेस का दावा है कि किसान मजबूरी में गेहूं 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल के कम दाम पर बेचने को विवश हैं, जबकि पड़ोसी राज्य राजस्थान में मध्य मार्च से खरीदी सुचारू रूप से चल रही है।
प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर खरीदी तुरंत शुरू करने, उचित समर्थन मूल्य दिलाने और ऋण वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई।
इस दौरान पी. सी. शर्मा, अवनीश भार्गव, अरुण श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।
