
शाजापुर। किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हिरणों को पकडऩे का अभियान सफल हो रहा है. दरअसल, दक्षिण अफ्रीका की कंजर्वेशन सॉल्यूशंस की टीम एवं वन विभाग की टीम द्वारा अब 34 कृष्ण मृगों को पकडक़र गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ा गया, वहीं अब तक टीम द्वारा कुल दो बार में कुल 79 कृष्ण मृगों को पकड़ा जा चुका है.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार मध्यप्रदेश और विशेष कर पश्चिम मध्य प्रदेश के राजस्व क्षेत्र में कृष्ण मृग एवं रोजड़ों के खेतों को नुकसान पहुंचाने की समस्या के निदान के रूप में दक्षिण अफ्रीका की कंजर्वेशन सॉल्यूशंस की टीम एवं वन विभाग की टीम द्वारा हेलीकॉप्टर और बोमा पद्धति से कृष्णमृगों को पकडऩे का अभियान शुरू किया गया है. बुधवार को शाजापुर जिले के किसानों के लिए विशेष दिवाली है.
फसल नुकसानी में आएगी कमी
दक्षिण अफ्रीका की टीम और उनकी तकनीक की मदद से काले हिरणों को हमने पहली बार मध्य प्रदेश में खेतों से पकडक़र जंगलों में ले जाकर छोड़ा जा रहा है. इससे किसानों को फसलों के नुकसान में कमी आएगी. इस तरह का ये देश में प्रथम अभियान है. यह अभियान अगले 15 दिवस तक शाजापुर जिले में चलाया जाएगा.
देश में यह पहला अभियान
जिले के कालापीपल तहसील के ग्राम इमलीखेड़ा से 34 कृष्णमृगों को किसानों के खेतों से पकडक़र गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य के जंगल में छोड़ा गया. इससे किसानों को होने वाले फसल नुकसान में कमी आएगी. इस तरह का देश में ये प्रथम अभियान है. यह अभियान अगले 5 नवम्बर तक शाजापुर जिले में चलाया जाएगा. इस अभियान में मुख्य वन संरक्षक उज्जैन एमआर बघेल ने बोमा क्षेत्र में उपस्थित रहकर कृष्ण मृगों को पकडऩे की कार्यवाही की निगरानी एवं पर्यवेक्षण किया.
