बैतूल: दीपावली की खुशियों के बीच बैतूल के किसानों के चेहरों से मुस्कान गायब हो गई है। गोवर्धन पूजा के ठीक बाद मंगलवार दोपहर हुई तेज बारिश ने उनकी महीनों की मेहनत पर संकट खड़ा कर दिया। यह बारिश उस समय हुई जब किसान कटाई के बाद अपनी फसलें खलिहानों में सुखा रहे थे या मंडी ले जाने की तैयारी में थे।
अचानक बदले मौसम ने खेतों और खलिहानों दोनों को नुकसान पहुंचाया है।
सोयाबीन, मक्का, मूंग और उड़द जैसी फसलें या तो पानी में डूब गईं या भीगकर सड़ने लगीं। जिन किसानों ने फसल काट ली थी, वे अनाज को बचाने में जुटे हैं, जबकि जिनकी फसलें खड़ी थीं, वे झुक जाने से परेशान हैं।किसानों का कहना है कि दीपावली के बाद मजदूरों की कमी से कटाई का काम पहले ही प्रभावित था, अब बारिश ने हालात और कठिन बना दिए हैं।
मौसम विभाग ने अगले दो दिन तक हल्की बारिश की संभावना जताई है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि अगर धूप जल्दी नहीं निकली तो नुकसान बड़ा हो सकता है। इस अनिश्चित मौसम ने किसानों को फिर से याद दिला दिया है कि खेती सिर्फ मेहनत नहीं, बल्कि मौसम से जंग भी है।
