
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2025: अमेरिकी राष्ट्रपति और रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर चीन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौता नहीं होता है, तो चीन से आयात होने वाले उत्पादों पर 155% तक टैरिफ (आयात शुल्क) लगाया जाएगा। उनके इस बयान से एक बार फिर दुनिया में ‘ट्रेड वॉर’ (व्यापार युद्ध) की चर्चा शुरू हो गई है। यह बयान उन्होंने व्हाइट हाउस में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के साथ एक बैठक के दौरान दिया, जहाँ रेयर अर्थ संसाधनों पर एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
ट्रंप की इस घोषणा से वैश्विक बाजारों में हलचल मच गई है। निवेशकों में यह डर है कि अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घोषणा से अमेरिका में वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं, क्योंकि ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े और खिलौने चीन से आयात किए जाते हैं। चीन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन वहाँ के सरकारी मीडिया ने ट्रंप के बयान को एक “राजनीतिक स्टंट” बताया है।
ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में भी चीन पर कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे और अरबों डॉलर के आयात पर शुल्क लगाकर ‘ट्रेड वॉर’ की शुरुआत की थी। आर्थिक जानकारों का कहना है कि अमेरिकी सत्ता में दूसरी बार लौटने के बाद से ही ट्रंप टैरिफ को लेकर कई अहम फैसले ले चुके हैं, जो भारत समेत कई देशों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। चीन की सप्लाई चेन दुनिया भर में फैली हुई है, जिसके कारण ट्रंप के किसी भी बड़े कदम का असर कई अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ना तय है।
