नयी दिल्ली, 04 अगस्त (वार्ता) उच्चतम न्यायालय सरकार की कल्याणकारी योजनाओं में जीवित व्यक्तियों के नाम और तस्वीरें लगाने पर रोक के खिलाफ तमिलनाडु सरकार की ओर से दायर याचिका पर छह अगस्त को सुनवाई करेगा।
मुख्य न्यायाधीश बी आर गवई और न्यायमूर्ति विनोद चंद्रन की पीठ ने सोमवार को राज्य सरकार की अपील पर शीघ्र सुनवाई करने की गुहार स्वीकार की।
राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने मामले को अति महत्वपूर्ण बताते हुए याचिका पर तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध किया।
मद्रास उच्च न्यायालय ने अपने एक आदेश में तमिलनाडु की सरकार की विभिन्न विज्ञापनों में कल्याणकारी योजनाओं में जीवित व्यक्तियों, पूर्व मुख्यमंत्रियों, पार्टी नेताओं या राजनीतिक दलों के नामों और तस्वीरों के इस्तेमाल पर अंतरिम रोक लगा दी थी।
सरकार ने उच्च न्यायालय के इस आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
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