
खंडवा। दीपों की झिलमिलाहट व धन की देवी चंचला महालक्ष्मी के पूजन का पर्व दीपावली घर-घर में पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। लक्ष्मी पूजन के बाद आतिशबाजी से आकाश से पटाखों की रोशनी के रूप में धन बरसेगा। शुभ मुहूर्तों में मां लक्ष्मी का पूजन कर जमकर आतिशबाजी होगी। फिर शुरू होगा एक दूसरे को दीपपर्व की बधाई देने का सिलसिला।
समाजसेवी सुनील जैन ने बताया की सोमवार को महालक्ष्मी पूजन के पूर्व शाम से ही दीपों की जगमगाहट से शहर का हर घर रोशन होगा। पर्व पर खंडवा के समस्त मंदिरों में इन दिनों भक्तों का सैलाब उमड़ा हुआ है। लक्ष्मी मंदिरो में भी हर रोज विभिन्न तरीकों से धन की देवी का श्रंगार किया जा रहा है। दीपावली पर महालक्ष्मी मंदिर में दक्षिण भारतीय पद्धति से कौशांबी पूजा की जाएगी। दक्षिण भारत से दीक्षा लेकर लेकर आए मंदिर के पुजारी ही इस पूजा को संपन्न कराएंगे। इसके अलावा मंदिर में सुबह मां का अभिषेक श्रृंगार कर पूजन कर मंगला आरती की गई। ।दक्षिण दिशा में कुबेर द्वार बनाकर लक्ष्मीनारायण का पूजन किया गया। समाजसेवी सुनील जैन ने बताया कि रविवार को रूपचौदस छोटी दीपावली पर पर दिनभर बाजार में भीड़ रही। सौंदर्य प्रसाधन और ब्यूटी पार्लरों पर महिलाओं की खासी चहल-पहल नजर आई।
रविवार को रूप चौदस होने से शहर में चहल पहल बनी रही। लाल चौकी स्थित महालक्ष्मी मंदिर बुधवारा श्री सत्य लक्ष्मी नारायण मंदिर बजरंग चौक स्थित मुनि बाबा लक्ष्मी नारायण मंदिर को सजाकर प्रतिमाओं का आकर्षक श्रंगार किया गया। मंदिर में दीपावली पर 6.30 बजे पंडित अमित दादी एवं बजरंग चौक पर पंडित नवीन शर्मा द्वारा श्रद्धालुओं की उपस्थिति में काकड़ा आरती होगी। भारतीय संस्कृति के अनुसार नरकासुर वध पर जो आनंद उत्सव मनाया जाता है उसे नरक चौदस के रूप में भी मनाया जाता है।
रूप चौदस पर पर्व पर महिलाओं ने अपने रूप को निखारने के कई तरह के जतन किए। ब्यूटी पार्लरों में सजने-संवरने का दौर दिन भर चलता रहा। कृष्णपक्ष की नरक चौदस या रूपचौदस का अलग महत्व है जिसका आज भी महिलाएं पालन करती है और स्वयं को अपने घरों को संवारने का काम करती है। दीपावली के एक दिन पूर्व आने वाली रूप चौदस की मान्यता है कि इस दिन घर व घर की लक्ष्मी कहीं जाने वाली गृहणी जितनी स्वच्छ रहती है तो उनके घर उतनी ही लक्ष्मी आती है। मान्यता को कायम रखकर आज भी घर की महिलाएं परंपरानुसार सुबह जल्दी उठकर बेसन, हल्दी व अन्य चीजों का उबटन लगाकर दिनभर अपने रूप को निखारने में लगी रही। माना जाता है साफ सुथरे घर में लक्ष्मी का आगमन होता है।
मंदिरों में भाईदूज पर होगा अन्नकूट।
