पडाना: दीपावली पर गेंदे के फूलों की बढ़ती मांग ने ग्रामीण अंचलों के किसानों के चेहरे पर खुशी ला दी है। खेतों में खिले गेंदे के फूल किसानों के लिए सोयाबीन जैसी पारंपरिक फसलों की तुलना में कहीं अधिक लाभदायक साबित हो रहे हैं। पूर्व सरपंच यशवंत सिंह माली ने बताया कि दीपावली, अन्य धार्मिक त्योहारों और मंदिरों व बाजारों की सजावट में बड़े पैमाने पर गेंदे के फूलों का उपयोग किया जाता है, जिससे इनकी मांग कई गुना बढ़ गई है।
इस बार मौसम भी खेती के अनुकूल रहा, जिससे गेंदे की फसल में अच्छी पैदावार हुई है। किसानों के अनुसार, एक बीघा जमीन पर औसतन 12 से 15 हजार रुपये की लागत आती है, जबकि मुनाफा 30 से 45 हजार रुपये तक हो सकता है। जून-जुलाई माह गेंदे की बुवाई के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। वर्तमान में ग्रामीण से लेकर शहरी क्षेत्रों तक फूलों की बढ़ती मांग के कारण किसानों को अपने उत्पाद आसानी से उचित मूल्य पर बेचने का अवसर मिल रहा है।
